अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 23 times
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के संदर्भ में, 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia), 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) जैसी विकासात्मक न्यूरोलॉजिकल स्थितियाँ बालकों के विशिष्ट कौशल को प्रभावित करती हैं। यदि कोई छात्र गणितीय समस्याओं को हल करते समय संख्याओं के स्थानीय मान (Place Value) को समझने, गणना करने, चिह्नों (+, -, ×, ÷) में भ्रमित होने और गणितीय सूत्रों को याद रखने में गंभीर कठिनाई का सामना करता है, जबकि उसकी सामान्य बुद्धि लब्धि (IQ) और पठन कौशल पूरी तरह सामान्य हैं, तो उसकी यह समस्या मुख्य रूप से किस प्रकार की अधिगम अक्षमता को दर्शाती है और इसके निदान के लिए किस प्रकार के उपचारात्मक उपागम (Remedial Approach) की आवश्यकता होगी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
प्रश्न में वर्णित लक्षण स्पष्ट रूप से 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) की ओर संकेत करते हैं, जो एक विशिष्ट अधिगम अक्षमता है और बालकों की गणितीय अवधारणाओं, संख्याओं की समझ तथा गणना करने की क्षमता को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है। इस प्रकार की अक्षमता से ग्रसित बच्चों के लिए विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार विशेष उपचारात्मक शिक्षण पद्धतियों, जैसे कि मूर्त वस्तुओं (Concrete Objects) और गणितीय किट का उपयोग करके 'मूर्त से अमूर्त' (Concrete to Abstract) की ओर शिक्षण देने की आवश्यकता होती है।
अगला प्रश्न →
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के चिकित्सीय और मनोवैज्ञानिक वर्गीकरण…
← पिछला प्रश्न
एक ग्यारह वर्ष का छात्र कक्षा में पठन और वर्तनी के दौरान…
Related Questions
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिसऑर्थोग्राफिया' (Dysorthographia) के न्यूरोलॉजिकल एवं भाषाई स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी अपने विचारों को लिखित रूप में व्यक्त करने में अत्यधिक असमर्थता का अनुभव करता है, हस्तलेखन (Handwriting) अत्यधिक असंगठित, अनियमित और धीमी गति का होता है, तथा वर्तनी (Spelling) के नियमों को लागू करने और शब्दों के श्रुतलेखन (Dictation) में गंभीर कठिनाई होती है, तो इन विशिष्ट लेखन विकारों और इनके उपचारात्मक शिक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
शिक्षण विधियों और क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के बीच घनिष्ठ संबंध का विश्लेषण करते समय, जब एक शिक्षक कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों की पठन संबंधी कठिनाइयों (जैसे डिस्लेक्सिया के लक्षण) को दूर करने के लिए 'उपचारात्मक शिक्षण' (Remedial Teaching) के साथ-साथ विभिन्न शिक्षण विधियों (जैसे मोंटेसरी पद्धति या सहयोगात्मक अधिगम) के प्रभावशीलता की जाँच वैज्ञानिक ढंग से करता है, तो इस प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia), 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिसकैलकुलिया' (Dyscalculia) और 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) के तात्विक, न्यूरोलॉजिकल तथा कक्षा-कक्षीय लक्षणों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षार्थी को लिखित शब्दों को पढ़ने, वर्णमाला या अक्षरों को उलटा देखने (जैसे 'b' को 'd' पढ़ना या 'saw' को 'was' पढ़ना), ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण (Phonological Processing) में गंभीर कठिनाई होती है, किंतु उसकी बौद्धिक लब्धि (IQ) सामान्य या उससे अधिक होती है; तो इस विशिष्ट अधिगम विकार की वैज्ञानिक पहचान और इसके उपचारात्मक उपायों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के क्षेत्र में स्टीफन कोरी (Stephen Corey) और डेविड हूपर (David Hopkins) द्वारा विकसित मॉडलों का शिक्षण विधियों के सुधार के संदर्भ में सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा में किसी विशेष पठन अक्षमता (जैसे डिस्लेक्सिया) से जूझ रहे छात्रों के लिए 'उपचारात्मक शिक्षण विधि' (Remedial Teaching Method) के प्रभाव का मूल्यांकन करने हेतु त्वरित और व्यावहारिक शोध चक्र चलाता है, तब इस प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी तात्विक और कार्यप्रणालीगत विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट अधिगम अक्षमता' (Specific Learning Disability - SLD) से ग्रसित बालकों, जैसे 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) या 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) वाले विद्यार्थियों की पहचान एवं उनके शैक्षणिक समावेशन हेतु निम्नलिखित में से कौन-सा उपागम सबसे अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी माना जाता है?
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के तात्विक स्वरूप का विश्लेषण करते समय, 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) के बीच के सबसे सूक्ष्म और न्यूरोलॉजिकल अंतर को निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के संदर्भ में 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) के बीच का सबसे सूक्ष्म एवं तथ्यात्मक अंतर निम्नलिखित में से कौन सा है?
→
एक 10 वर्ष का बालक पढ़ने में अत्यधिक कठिनाई महसूस करता है, वह शब्दों के अक्षरों को उल्टा पढ़ता है (जैसे 'was' को 'saw' पढ़ना), और वर्तनी में बार-बार अशुद्धियाँ करता है। इसके साथ ही, जब उसे ज्यामितीय आकृतियों को देखने और स्थानिक संबंधों को समझने के लिए कहा जाता है, तो वह उसमें भी भ्रमित हो जाता है। नैदानिक मनोवैज्ञानिक परीक्षणों से पता चलता है कि उसकी बुद्धि लब्धि (IQ) सामान्य है और उसे सुनने या देखने से संबंधित कोई जैविक दोष नहीं है। इस स्थिति को किस विशिष्ट अधिगम अक्षमता के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा और इसका प्राथमिक न्यूरोलॉजिकल आधार क्या है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.