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विकास के क्षेत्र सभी देखें (969) शारीरिक एवं गामक विकास3 संज्ञानात्मक विकास429 सामाजिक विकास21 संवेगात्मक विकास109 भाषा विकास23 नैतिक एवं चारित्रिक विकास384
विकास के प्रमुख सिद्धांतकार सभी देखें (1928) जीन पियाजे519 लेव वाइगोत्स्की403 लॉरेंस कोहलबर्ग19 एरिक एरिक्सन37 जेरोम ब्रूनर76 अल्बर्ट बंडूरा134 सिगमंड फ्रायड278 मास्लो, रोजर्स एवं मानवतावाद406 अन्य सिद्धांतकार (गेसेल, ब्रोनफेनब्रेनर, हॉल, आदि)56
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वैयक्तिक भिन्नता एवं समावेशी शिक्षा सभी देखें (712) वैयक्तिक भिन्नताएँ30 समावेशी शिक्षा250 विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN)63 अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)315 ADHD, ऑटिज़्म एवं न्यूरो-विकासात्मक स्थितियाँ22 प्रतिभाशाली एवं सृजनशील बालक9 वंचित, पिछड़े एवं लैंगिक समानता23
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जीन पियाजे
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, जब कोई बालक 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता प्राप्त कर लेता है और यह समझ जाता है कि किसी पदार्थ के आकार या रूप में परिवर्तन करने पर भी उसकी मात्रा या द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है, तो पियाजे के अनुसार यह बौद्धिक उपलब्धि मुख्य रूप से किस अवस्था से संबंधित है और यह किस तार्किक संक्रिया (Logical Operation) पर आधारित है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'संरक्षण' (Conservation) का गुण बालक में 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage, लगभग 7 से 11 वर्ष) के दौरान विकसित होता है। इस अवस्था में बालक 'विकेंद्रीकरण' (Decentration - किसी वस्तु के एक से अधिक पहलुओं पर एक साथ ध्यान केंद्रित करना) तथा 'प्रतिलोमनीयता' (Reversibility - मानसिक रूप से प्रक्रिया को उल्टा कर सकना) जैसी तार्किक संक्रियाओं में माहिर हो जाते हैं। इसके विपरीत, पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था के बालक 'केंद्रीयकरण' (Centration) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) से ग्रसित होते हैं। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।

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→ पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है: → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है? → पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है? → पियाजे के अनुसार 'आत्मसात्करण' (Assimilation) क्या है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, यदि कोई बच्चा किसी समस्या के समाधान के लिए पारंपरिक, प्रत्यक्ष और मूर्त रूप से उपलब्ध नियमों से हटकर, सभी संभावित तार्किक विकल्पों और परिकल्पनाओं (Hypotheses) का व्यवस्थित रूप से परीक्षण करने में सक्षम हो जाता है, तो पियाजे के इस बौद्धिक विकास के चरण की सबसे प्रमुख और विशिष्ट संज्ञानात्मक विशेषता निम्नलिखित में से कौन-सी है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा का तात्विक विश्लेषण करते समय, जब एक बालक यह समझने में सक्षम हो जाता है कि किसी तरल पदार्थ को चौड़े बर्तन से लंबे और पतले बर्तन में डालने पर उसका आयतन (Volume) अपरिवर्तित रहता है, तो पियाजे के अनुसार बालक के इस मानसिक संक्रियात्मक विकास में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) के साथ-साथ निम्नलिखित में से कौन-सी अन्य दो बुनियादी तार्किक क्षमताएँ एक साथ कार्य करती हैं? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की एक प्रमुख सीमा 'विकेंद्रीकरण का अभाव' या 'अहंदर्शक' (Egocentrism) और 'संरक्षण' (Conservation) की समझ का न होना है। पियाजे द्वारा किए गए प्रसिद्ध 'तीन पर्वत कार्य' (Three-Mountain Problem) के प्रयोग में, इस अवस्था का एक बालक अपनी ही दृश्य-दृष्टि (Perspective) को दूसरों पर आरोपित करता है। इसके विपरीत, जब बालक मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में प्रवेश करता है, तो वह किस मुख्य संज्ञानात्मक क्षमता को प्राप्त करके इस सीमा को पार कर लेता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) में बच्चों की विचार प्रक्रिया की एक प्रमुख सीमा 'विकेंद्रीकरण का अभाव' (Lack of Decentration) और 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) है। इस संदर्भ में 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा को समझने में असमर्थता का मुख्य संज्ञानात्मक कारण निम्नलिखित में से किसे माना जाता है?
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