समावेशी शिक्षा
Asked 2 months ago · Viewed 28 times
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, जब कक्षा-कक्ष में विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (जैसे अधिगम अक्षमता, दृश्य या श्रवण बाधित बालक) की वैयक्तिक भिन्नताओं को संबोधित करने की बात आती है, तो 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की अवधारणा और बहु-स्तरीय शिक्षण रणनीतियों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी pedagogical दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) एक अत्यंत महत्वपूर्ण pedagogical दृष्टिकोण है। इसके अंतर्गत शिक्षक प्रत्येक छात्र की अनूठी क्षमताओं और आवश्यकताओं को पहचानते हुए शिक्षण सामग्री, अधिगम प्रक्रिया और मूल्यांकन के तरीकों में अनुकूलन करते हैं। इसके विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन और 'निशुल्क और अनिवार्य बाल…
← पिछला प्रश्न
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में…
Related Questions
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन के अंतर्गत, 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'सार्वभौमिक रूप से अधिगम के लिए अभिकल्प' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों का पालन करते हुए, एक शिक्षक को अपनी कक्षा में विभिन्न प्रकार की अधिगम अक्षमताओं और विशिष्ट आवश्यकताओं वाले बच्चों के समावेशन के लिए निम्नलिखित में से किस कक्षा-कक्षीय रणनीति को प्राथमिकता देनी चाहिए?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत अधिगम अक्षमता (Learning Disability) से ग्रसित बालकों, जैसे डिस्लेक्सिया (Dyslexia) या डिस्ग्राफिया (Dysgraphia) से पीड़ित विद्यार्थियों के आकलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सी मूल्यांकन पद्धति सबसे अधिक न्यायसंगत और वैज्ञानिक मानी जाती है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, जब कक्षा-कक्ष में अधिगम अक्षमता (Learning Disability) जैसे कि 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) या 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) से पीड़ित बच्चे नामांकित होते हैं, तो उनके लिए 'सार्वभौमिक रूप से अभिकल्पित अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों को लागू करना आवश्यक हो जाता है। UDL के इन तीन प्रमुख मूल सिद्धांतों—'प्रस्तुतीकरण के बहुविध साधन' (Multiple Means of Representation), 'अभिव्यक्ति के बहुविध साधन' (Multiple Means of Expression), और 'संलग्नता के बहुविध साधन' (Multiple Means of Engagement)—का सबसे सटीक शैक्षणिक निहितार्थ निम्नलिखित में से क्या है?
→
'अधिगम अक्षमताओं और उपचारात्मक शिक्षण' के संदर्भ में, सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा प्रतिपादित 'डेटा-आधारित उपचारात्मक शिक्षण मॉडल' के अंतर्गत नैदानिक चरणों—जैसे त्रुटि विश्लेषण, कारण पहचान, और लक्षित हस्तक्षेप—तथा गेरहार्ड क्रूग (Gerhard Krueger) और अन्य शोधकर्ताओं द्वारा विकसित 'मेटাকॉग्निटिव स्ट्रेटेजी ट्रेनिंग' (Metacognitive Strategy Training) के अंतर्गत विद्यार्थियों की 'स्वयं-नियमन' (Self-Regulation), 'स्वयं-निगरानी' (Self-Monitoring), और 'स्वयं-मूल्यांकन' (Self-Evaluation) क्षमताओं के वैज्ञानिक स्वरूप के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समावेशी और विशिष्ट कक्षा-कक्ष प्रबंधन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य वैधानिक और मनोवैज्ञानिक सिद्धांत—अधिगम के लिए बहुविध साधन (Multiple Means of Engagement), बहुविध निरूपण (Multiple Means of Representation), और बहुविध अभिव्यक्ति एवं कार्रवाई (Multiple Means of Action and Expression)—का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के वास्तविक और वैज्ञानिक उद्देश्य को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
समावेशी शिक्षा के संदर्भ में 'व्यक्तिગત शैक्षिक योजना' (Individualized Education Program - IEP) का निर्माण करते समय, विशेष आवश्यकता वाले बालकों की विशिष्ट योग्यताओं और अधिगम बाधाओं का आकलन करने के लिए निम्नलिखित में से किस मुख्य मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक रणनीति का पालन करना सबसे अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी माना जाता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, 'यूनिवर्सल डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन प्रमुख सिद्धांतों—प्राप्ति के साधन (Engagement), प्रस्तुति के साधन (Representation), और अभिव्यक्ति के साधन (Action and Expression)—में से कौन-सा सिद्धांत अधिगमकर्ताओं की विभिन्न आवश्यकताओं और विविधताओं को ध्यान में रखते हुए, पाठ्यक्रम को विभिन्न माध्यमों (जैसे दृश्य, श्रवण, और स्पर्शनीय सामग्री) द्वारा प्रस्तुत करने पर सबसे अधिक बल देता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन और 'निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009)' के प्रावधानों के संदर्भ में, एक सामान्य कक्षा-कक्ष में विभिन्न प्रकार की विशिष्ट आवश्यकताओं वाले (विशेष रूप से अधिगम अक्षमता और संवेदीबाधित) बालकों के समावेशन को सफल बनाने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी रणनीतिक और शैक्षणिक पहल सबसे अधिक प्रभावी और प्रामाणिक मानी जाएगी?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.