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Child Development
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अब्राहम मैस्लो द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के संदर्भ में, दैहिक आवश्यकताओं (Physiological Needs) से लेकर आत्म-सिद्धि (Self-Actualization) तक की यात्रा का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत के उच्च-स्तरीय मनोवैज्ञानिक और हीन-स्तरीय जैविक घटकों के बीच के तात्विक संबंध को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अब्राहम मैस्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत के अनुसार, प्रेरणा (Motivation) का यह मॉडल मानव आवश्यकताओं को पांच क्रमिक स्तरों में विभाजित करता है। शुरुआती स्तरों (दैहिक और सुरक्षा आवश्यकताएँ) को 'कमी जनित आवश्यकताएँ' (Deficiency Needs या D-needs) कहा जाता है क्योंकि इनकी पूर्ति न होने पर शरीर में तनाव और अभाव पैदा होता है। इसके विपरीत, सबसे शीर्ष पर स्थित 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) को 'विकास आवश्यकता' (Growth Need या B-need) कहा जाता है, जो व्यक्ति की आंतरिक क्षमताओं के पूर्ण विकास से जुड़ी है। इस सिद्धांत के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं। मैस्लो के अनुसार, जब तक निचले स्तर की कमी आवश्यकताएँ संतोषजनक रूप से पूरी नहीं होतीं, तब तक व्यक्ति उच्च-स्तरीय विकास आवश्यकताओं की ओर प्रेरित नहीं हो सकता। अतः विकल्प (c) सर्वाधिक सटीक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
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अनुच्छेद 45 निम्न को संदर्भित करता है :
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