क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,331 times
थार्नडाइक के प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत (Trial and Error Theory) तथा स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) के मध्य तात्विक और क्रियात्मक भेदों का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों अधिगम सिद्धांतों के उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) तंत्र और पुनर्बलन की प्रकृति के बीच के वास्तविक अंतर को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
थार्नडाइक के प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत (Trial and Error Theory) और स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) में मुख्य अंतर यह है कि थार्नडाइक का मॉडल उद्दीपक-प्रधान (S-R) है जहाँ एक पूर्व-निर्धारित उद्दीपक प्राणी को प्रतिक्रिया करने के लिए विवश करता है, जबकि स्किनर का मॉडल अनुक्रिया-प्रधान (R-S) है जिसमें जीव अपनी इच्छा से सक्रिय रूप से अनुक्रिया (Operant) करता है और उसके परिणामों द्वारा उसका व्यवहार निर्देशित होता है। विकिपीडिया संदर्भ
अगला प्रश्न →
अधिगम के मनोविज्ञान में एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं…
← पिछला प्रश्न
थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error…
Related Questions
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'मुख्य नियमों' (Primary Laws of Learning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) के संप्रत्यय का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, थार्नडाइक के किस विशिष्ट नियम का प्रत्यक्ष वैचारिक विस्तार और प्रायोगिक परिमार्जन आगे चलकर स्किनर के 'पुनर्बलन अनुसूची' (Schedules of Reinforcement) और अनुक्रिया-प्रतिक्रिया गतिकी का आधार बना?
→
अधिगम (Learning) के अध्ययन में थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) में 'पुनर्बलन' (Reinforcement) की भूमिका और उद्दीपक-अनुक्रिया के स्वरूप का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के मध्य तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) सिद्धांतों के तात्विक एवं क्रियात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के मध्य उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) और अनुक्रिया-उद्दीपक (R-S) संबंधों के संदर्भ में सबसे अधिक प्रामाणिक अंतर को स्पष्ट करता है?
→
अधिगम के पारंपरिक एवं आधुनिक सिद्धांतों के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) का गहन तात्विक एवं तुलनात्मक विश्लेषण करने पर, इन दोनों सिद्धांतों की बुनियादी मान्यताओं और उनके कार्यात्मक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory) तथा बी.एफ. स्किनर द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के तात्विक एवं प्रायोगिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य की मुख्य तात्विक भिन्नता को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory) तथा बी.एफ. स्किनर द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के तात्विक और क्रियात्मक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य मुख्य तात्विक अंतर को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
अधिगम (Learning) के सिद्धांतों के ऐतिहासिक विकास के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन का सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) और बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन का सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) का सूक्ष्म तुलनात्मक विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के बीच के तात्विक, उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) एवं अनुक्रिया-उद्दीपक (R-S) संबंधों तथा उनके वास्तविक मनोवैज्ञानिक आधार को सर्वाधिक सटीक और वैज्ञानिक रूप से परिभाषित करता है?
→
थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के अधिगम सिद्धांतों के तात्विक और क्रियात्मक भेदों का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) एवं अनुक्रिया-उद्दीपकीय (R-S) तंत्र की वास्तविक प्रकृति को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.