लेव वाइगोत्स्की
Asked 2 months ago · Viewed 26 times
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका' और 'निजी भाषण' (Private Speech) के तात्विक एवं विकासात्मक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, जीन पियाजे के 'अहंप्रेमी भाषण' (Egocentric Speech) के साथ इसकी तुलना के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, भाषा संज्ञानात्मक विकास का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है। वाइगोत्स्की मानते थे कि बच्चे अपने विचारों को निर्देशित और नियंत्रित करने के लिए 'निजी भाषण' (Private Speech) का उपयोग करते हैं, जो बाद में 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) बन जाता है। इसके विपरीत, जीन पियाजे ने इसे 'अहंप्रेमी भाषण' (Egocentric Speech) कहा और इसे बच्चों की संज्ञानात्मक अपरिपक्वता का लक्षण माना, जो उम्र बढ़ने के साथ समाप्त हो जाता है। इस विषय पर अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'समीपस्थ…
← पिछला प्रश्न
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के…
Related Questions
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अंतर्गत, 'निजी वाक' (Private Speech) की अवधारणा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक वैज्ञानिक और सटीक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, 'सामाजिक भाषण' (Social Speech), 'निजी भाषण' (Private Speech) और 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) के विकास क्रम और उनके तात्विक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) और बाल-केन्द्रित शिक्षा के दार्शनिक एवं मनोवैज्ञानिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, जॉन डेवी (John Dewey) के 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत तथा जॉन पियाजे और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-रचनावादी दृष्टिकोणों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत तथा लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के बीच तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा में बच्चों के ज्ञान निर्माण की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 'पियाजे के आत्मसातीकरण-समायोजन' (Assimilation-Accommodation) के संज्ञानात्मक प्रतिमान तथा 'वाइगोत्स्की के मचान' (Scaffolding) एवं 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) के सामाजिक ढांचे का एक एकीकृत उपयोग करता है, तो बच्चों के अधिगम और संज्ञानात्मक विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में 'निजी वाक' (Private Speech) की भूमिका का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त और मनोवैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत, 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वना या मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस प्रक्रिया के वास्तविक तात्विक और शैक्षणिक निहितार्थ को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के परिप्रेक्ष्य में, जब कोई बच्चा अपने से अधिक ज्ञاني अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के सहयोग से अपने 'समीपस्थ विकास के क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) के भीतर रहकर किसी संज्ञानात्मक समस्या का समाधान करता है, तो इस प्रक्रिया में 'सांस्कृतिक उपकरण' (Cultural Tools), 'मचान निर्माण' (Scaffolding) और 'निजी भाषण' (Private Speech) के परस्पर अंतर्संबंध के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.