नैतिक एवं चारित्रिक विकास
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,061 times
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत, उत्तर-पारंपरिक नैतिकता (Post-Conventional Level) के अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) की तात्विक और दार्शनिक प्रकृति का गहन विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की वास्तविक मनोवैज्ञानिक विशेषता को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के छठे और सर्वोच्च चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना अभिविन्यास' में व्यक्ति बाहरी नियमों या कानूनों से ऊपर उठकर अपने स्वयं के विवेक और न्याय के सार्वभौमिक सिद्धांतों के अनुसार निर्णय लेता है। इस स्तर पर सही और गलत का निर्धारण अंतरात्मा की उन अमूर्त और तार्किक रूप से व्यापकमान्य अवधारणाओं पर होता है जो मानव अधिकारों, गरिमा और समानता का सम्मान करती हैं। इस मनोवैज्ञानिक सिद्धांत के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के…
← पिछला प्रश्न
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of…
Related Questions
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए मनोवैज्ञानिक कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग का प्रतिमान पुरुषों के न्याय-उन्मुख (Justice-oriented) दृष्टिकोण पर अत्यधिक केंद्रित है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और जिम्मेदारी' (Care and Responsibility) के संदर्भात्मक और संबंधात्मक दृष्टिकोण पर आधारित होता है। गिलिगन के इस नारीवादी और विकासात्मक परिप्रेक्ष्य के अनुसार, महिलाओं के नैतिक तर्क का सर्वोच्च और परिपक्वतम स्तर कोहलबर्ग के किस स्तर या वैचारिक प्रतिमान से सीधे तौर पर भिन्नता रखता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-Conventional Level) के द्वितीय चरण—'विवेक और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास' (Universal Ethical Principles Orientation)—की दार्शनिक और तात्विक गहराई का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस चरण में व्यक्ति के नैतिक निर्णय और न्याय की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अनुसार, पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Conventional Level) के अंतर्गत आने वाले चौथे चरण यानी 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Law and Order Orientation) की सबसे प्रमुख और विशिष्ट विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के चरम चरण—अर्थात 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation)—की अवधारणा, जिसके तहत व्यक्ति किसी सामाजिक नियम या कानून के अंधे अनुपालन के बजाय अपने स्वयं के अंतःकरण, सार्वभौमिक मानवाधिकारों, न्याय, समानता और मानवीय गरिमा के आंतरिक रूप से चयनित स्व-निर्धारित नैतिक सिद्धांतों के आधार पर सही और गलत का निर्णय करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय आलोचनात्मक नैतिक चिंतन, लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वायत्त निर्णय-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के संदर्भ में, यदि कोई किशोर पारंपरिक नैतिकता (Conventional Morality) के 'अच्छा लड़का/अच्छी लड़की' (Good Boy/Good Girl Orientation) चरण से उत्तर-पारंपरिक नैतिकता (Post-conventional Morality) के 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण की ओर संक्रमण कर रहा है, तो उसके नैतिक तर्क (Moral Reasoning) में होने वाला मुख्य गुणात्मक परिवर्तन निम्नलिखित में से किस रूप में प्रकट होगा?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए नारीवादी मनोवैज्ञानिक कैरोल गिलिगन (Carol Gilligan) ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के नैतिक चरणों का प्रतिपादन मुख्य रूप से पुरुषों के नमूनों के आधार पर किया गया है, जिसके कारण महिलाओं के नैतिक विकास का दृष्टिकोण छूट गया है। गिलिगन के अनुसार, महिलाओं का नैतिक तर्क किस विशिष्ट मूल्य या अभिविन्यास पर आधारित होता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के दूसरे स्तर यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिमुखीकरण' (Universal Ethical Principle Orientation - स्टेज 6) की सबसे विशिष्ट और तात्विक विशेषता निम्नलिखित में से कौन-सी है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Post-Conventional Level) के अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास' (Universal Ethical Principles Orientation) की सबसे विशिष्ट तात्विक और मनोवैज्ञानिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन-सी है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.