अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,614 times
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) का न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करते समय, यदि किसी शिक्षार्थी को लिखित प्रतीकों को पढ़ने, शब्दों के अक्षरों को आपस में उलटने (जैसे 'was' को 'saw' पढ़ना), वर्तनी संबंधी गंभीर कठिनाइयों का सामना करने के साथ-साथ गणितीय संक्रियाओं को करने, अंकों के स्थानीय मान को समझने और ज्यामितीय आकृतियों में विभेद करने में भी एक साथ गंभीर न्यूरोलॉजिकल बाधाओं का अनुभव होता है, तो ऐसी स्थिति में नैदानिक रूप से कौन-सी दो प्रमुख सह-उद्गामी (Co-morbid) अधिगम अक्षमताएँ एक साथ उपस्थित मानी जाएंगी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
विशिष्ट अधिगम अक्षमताएँ (Specific Learning Disabilities) तांत्रिक तंत्र (Neurological system) से जुड़ी ऐसी स्थितियाँ हैं जो सूचनाओं को संसाधित (Process) करने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। जब किसी विद्यार्थी को पढ़ने, वर्तनी बनाने और दृश्य-अक्षरों को पहचानने में कठिनाई होती है, तो यह विकिपीडिया संदर्भ (डस्लेक्सिया) का लक्षण है। इसके साथ ही, जब गणितीय गणनाओं, अंकों और तार्किक пространिक (Spatial) समझ में गंभीर कठिनाई आती है, तो इसे डिसकैल्कुलिया (Dyscalculia) कहा जाता है। ये दोनों विकार अक्सर एक साथ (Co-morbid) पाए जाते हैं।
अगला प्रश्न →
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के संदर्भ में, जब किसी बालक में मौखिक…
← पिछला प्रश्न
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities)…
Related Questions
→
'अधिगम अक्षमता और डिस्लेक्सिया (Dyslexia - पठन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, स्तानिस्लास दहाने (Stanislas Dehaene) और आधुनिक न्यूरोसाइंस के 'फोनोलॉजिकल-विजुअल डिसकनेक्टिविटी मॉडल' (Phonological-Visual Disconnectivity Model) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'वेंट्रल विजुअल वर्ड फॉर्म एरिया' (VWFA: बाएं ऑक्सिपिटोटैम्पोरल जंक्शन), 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (STG: वर्निक क्षेत्र का हिस्सा) और 'आर्कुएट फेसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच दृश्य-श्रवण एकीकरण, ग्राफेम-फोनेम मैपिंग (Grapheme-Phoneme Mapping) और शब्द-अर्थ प्रसंस्करण की सक्रियण विसंगति, तथा मारिया वूल्फ (Maryanne Wolf) और पैट्रिशिया बोवर्स (Patricia Bowers) द्वारा प्रतिपादित 'डबल-डिफ़िसिट हाइपोथेसिस' (Double-Deficit Hypothesis: नामकरण गति और फोनोलॉजिकल जागरूकता दोनों की कमी) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, फोनोलॉजिकल-आधारित मल्टीसेंसरी स्ट्रक्चर्ड लिटरेसी अप्रोच (Orton-Gillingham Based Multisensory Approach) और विद्यार्थियों में पठन प्रवाह, वर्तनी सटीकता व समग्र साक्षरता दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'अधिगम अक्षमता और डिस्लेक्सिया (Dyslexia - पठन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, शेविट्ज़ और साथियों (Shaywitz & Shaywitz) द्वारा प्रतिपादित 'फोनोलॉजिकल डेफिसिट मॉडल' के अंतर्गत मस्तिष्क के 'बाएं हेमिस्फेयर के टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन' (Left Temporo-Parietal Junction), 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus - Broca's Area) और 'ऑसिपिटो-टेम्पोरल वर्ड फॉर्म एरिया' (Visual Word Form Area - VWFA) के बीच दृश्य-श्रव्य एकीकरण, फॉनोलॉजिकल डिकोडिंग और ऑर्थोग्राफिक मैपिंग की सक्रियण विसंगति, तथा उता फ्रिथ (Uta Frith) द्वारा प्रतिपादित 'पठन विकास के त्रि-चरणीय मॉडल' (लॉगोग्राफिक, ऑर्थोग्राफिक और अल्फ़ाबेटिक चरण) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी फोनिक्स और संरचनात्मक साक्षरता शिक्षाशास्त्र (Structured Literacy Pedagogy) और विद्यार्थियों में ध्वन्यात्मक जागरूकता, शब्द पहचान प्रवाह व समग्र पठन दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के क्षेत्र में स्टीफन कोरी (Stephen Corey) और डेविड हूपर (David Hopkins) द्वारा विकसित मॉडलों का शिक्षण विधियों के सुधार के संदर्भ में सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा में किसी विशेष पठन अक्षमता (जैसे डिस्लेक्सिया) से जूझ रहे छात्रों के लिए 'उपचारात्मक शिक्षण विधि' (Remedial Teaching Method) के प्रभाव का मूल्यांकन करने हेतु त्वरित और व्यावहारिक शोध चक्र चलाता है, तब इस प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी तात्विक और कार्यप्रणालीगत विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia - लेखन और मोटर-ग्राफिक प्रसंस्करण अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'बाएँ गोलार्ध के एक्सरूरियल मोटर कॉर्टेक्स' (Exrorial Motor Cortex / Motor Strip - हाथ की सूक्ष्म मांसपेशियों का नियंत्रण), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia - मोटर कौशल का क्रमांकन और स्वचालित लेखन), तथा 'सेरिबैलम' (Cerebellum - हस्त-नेत्र समन्वय और लेखन लयबद्धता) के बीच न्यूरो-मस्कुलर समन्वय विफलता, दृश्य-स्थानिक और गतिज एकीकरण (Visuo-Motor Integration) में बाधा की सक्रियण गतिकी, तथा अलेक्जेंडर लुरिया के 'कार्यात्मक मस्तिष्क इकाइयों' (Functional Units of Brain) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्ग्राफिया ऑप्टिमाइज्ड मल्टीसेंसरी काइनेस्थेटिक पेडागोजी' (Neuro-Dysgraphia Optimized Multisensory Kinesthetic Pedagogy) और विद्यार्थियों में ग्राफिक प्रतीक निर्माण, सूक्ष्म पेशीय समन्वय व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के नैदानिक वर्गीकरण का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब किसी शिक्षार्थी को गणितीय गणनाओं, संख्याओं के स्थानिक संगठन, गणितीय प्रतीकों (चिन्हों) को पहचानने तथा मौखिक समस्याओं को समीकरणों में बदलने में गंभीर और सतत कठिनाई का सामना करना पड़ता है, जबकि उसकी सामान्य बुद्धि लब्धि (IQ) और पठन-लेखन क्षमता पूरी तरह सामान्य होती है, तो यह विशिष्ट तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक विकार निम्नलिखित में से किस श्रेणी के अंतर्गत आता है और इसके मुख्य नैदानिक लक्षण क्या हैं?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के नैदानिक वर्गीकरण में 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) तथा 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) के अतिरिक्त, एक अन्य विशिष्ट तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक विकार 'ऑडिटरी प्रोसेसिंग डिसऑर्डर' (Auditory Processing Disorder - APD) का तात्विक विश्लेषण करने पर, जब किसी शिक्षार्थी को सामान्य श्रवण क्षमता (Hearing Threshold) होने के बावजूद मौखिक निर्देशों को समझने, समान ध्वनियों (जैसे 'बा' और 'दा') में भेद करने, और शोरगुल भरे कक्षा-वातावरण में शिक्षक की बात को अलग करके संसाधित करने में गंभीर कठिनाई होती है, तो यह स्थिति निम्नलिखित में से किस मुख्य संज्ञानात्मक और प्रसंस्करणीय विसंगति को दर्शाती है?
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के संदर्भ में, जब किसी शिक्षार्थी को अपने शरीर की गतियों और मांसपेशियों के संचालन के बीच सूक्ष्म समन्वय (Fine Motor Coordination) स्थापित करने में गंभीर कठिनाई होती है, जिससे उसे न केवल लिखने, चित्र बनाने या कैंची से आकृतियाँ काटने में भारी बाधा आती है, बल्कि उसे अपने विचारों को लिखित रूप में सुसंगत ढंग से पिरोने में भी अत्यधिक संघर्ष करना पड़ता है, तब इस तांत्रिक तंत्र (Neurological) संबंधी विकार को किस विशिष्ट नाम से जाना जाता है और इसकी मुख्य विशेषता क्या है?
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत, जब किसी शिक्षार्थी को दृश्य-स्थानिक (Visuo-spatial) जानकारी को संसाधित करने, वस्तुओं के बीच की दूरी का अनुमान लगाने, दिशाओं का भ्रम होने, तथा घड़ी की सुइयों को देखकर समय बताने या जटिल ज्यामितीय आकृतियों को मानसिक रूप से संयोजित करने में गंभीर कठिनाई होती है, जबकि उसकी पठन, लेखन और मौखिक गणितीय गणना की क्षमता सामान्य होती है, तो इस विशिष्ट न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक विकार को किस रूप में वर्गीकृत किया जाता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.