BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
29 views

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की मुख्य विशेषताओं—जैसे 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking)—का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई किशोर किसी वैज्ञानिक समस्या के समाधान के लिए सभी संभावित संभावनाओं की मानसिक रूप से योजना बनाता है और बिना प्रत्यक्ष अनुभव के प्रतीकों एवं तर्कों के आधार पर निष्कर्ष निकालता है, तो इस अवस्था की तात्विक और विकासात्मक गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) वह चरण है जहाँ बालक का चिंतन अमूर्त (Abstract) और लचीला हो जाता है। इस अवस्था की सबसे प्रमुख विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' है, जिसकी विस्तृत जानकारी आप विकिपीडिया संदर्भ के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। इसके तहत किशोर न केवल वर्तमान परिस्थितियों बल्कि भविष्य की संभावनाओं और अमूर्त समस्याओं पर भी वैज्ञानिक ढंग से विचार करने में सक्षम होते हैं।
Share:

Related Questions

→ बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के संप्रत्यय का सूक्ष्म विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के मध्य पाए जाने वाले सबसे मौलिक, व्यापक और सैद्धांतिक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है? → बुद्धि (Intelligence) के क्षेत्र में रॉबर्ट स्टर्नबर्ग द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) की तात्विक और संज्ञानात्मक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, इस सिद्धांत के तीन उप-सिद्धांतों—घटकीय या विश्लेषणात्मक बुद्धि (Componential/Analytical Intelligence), आनुभविक या सृजनात्मक बुद्धि (Experiential/Creative Intelligence), और संदर्भगत या व्यावहारिक बुद्धि (Contextual/Practical Intelligence)—में से 'संदर्भगत बुद्धि' (Contextual Intelligence) निम्नलिखित में से किस मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक क्षमता को सर्वाधिक सटीक रूप से प्रदर्शित करती है? → शैक्षणिक मूल्यांकन और मापन के वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य में, 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) प्रणाली के अंतर्गत जब हम 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के तात्विक एवं कार्यात्मक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करते हैं, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों की प्रकृति, उद्देश्य और दायरे को सबसे सटीक और प्रामाणिक रूप से परिभाषित करता है? → प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के मूल दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक आधार के संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) और विद्यालय को 'समाज का लघु रूप' (Microcosm of Society) मानने की अवधारणा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त और विश्लेषणात्मक है? → राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के अंतर्संबंधों और उनके वैधानिक-शैक्षणिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों के मौलिक उद्देश्यों एवं बाल-केंद्रित शिक्षा दर्शन के तात्विक सामंजस्य को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.