क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement) का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि किसी अनुक्रिया के बाद पुनर्बलन देने का समय या प्रतिक्रियाओं की संख्या अनिश्चित और परिवर्तनशील रखी जाती है (उदाहरणार्थ- जुआ खेलना या लाटरी), तो इस विशिष्ट अनुसूची की तात्विक और व्यवहारिक गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बी. एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन के अनुसार, जब पुनर्बलन एक निश्चित पैटर्न के आधार पर न देकर परिवर्तनशील (Variable) रूप से दिया जाता है—विशेषकर चर अनुपात (Variable Ratio) अनुसूची में—तो प्राणी को यह पता नहीं होता कि अगला पुनर्बलन कब मिलेगा। इस अनिश्चितता के कारण अनुक्रिया की दर बहुत तीव्र हो जाती है और सीखी गई आदत का विलोपन (Extinction) होना सबसे कठिन होता है। इस सिद्धांत और मनोवैज्ञानिक प्रयोगों की विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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