शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,974 times
थार्नडाइक के प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत (Trial and Error Theory), पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) तथा स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) के तुलनात्मक और दार्शनिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन तीनों अधिगम सिद्धांतों की बुनियादी यांत्रिकी (Mechanisms) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत में प्रतिक्रियाएं अनैच्छिक (जैसे लार आना) होती हैं और यह S-R प्रकार का अनुबंधन है, जबकि स्किनर का सिद्धांत R-S प्रकार का है जिसमें प्राणी सक्रिय रूप से कार्य करता है (इसे विकिपीडिया संदर्भ के माध्यम से और गहराई से समझा जा सकता है)। थार्नडाइक का सिद्धांत प्रयास और भूल पर आधारित है।
अगला प्रश्न →
थार्नडाइक (Edward Thorndike) के अधिगम के ‘प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत’ (Trial…
← पिछला प्रश्न
इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning)…
Related Questions
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'मुख्य नियमों' (Primary Laws of Learning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) के संप्रत्यय का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, थार्नडाइक के किस विशिष्ट नियम का प्रत्यक्ष वैचारिक विस्तार और प्रायोगिक परिमार्जन आगे चलकर स्किनर के 'पुनर्बलन अनुसूची' (Schedules of Reinforcement) और अनुक्रिया-प्रतिक्रिया गतिकी का आधार बना?
→
अधिगम (Learning) के अध्ययन में थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) में 'पुनर्बलन' (Reinforcement) की भूमिका और उद्दीपक-अनुक्रिया के स्वरूप का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के मध्य तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) सिद्धांतों के तात्विक एवं क्रियात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के मध्य उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) और अनुक्रिया-उद्दीपक (R-S) संबंधों के संदर्भ में सबसे अधिक प्रामाणिक अंतर को स्पष्ट करता है?
→
अधिगम के पारंपरिक एवं आधुनिक सिद्धांतों के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) का गहन तात्विक एवं तुलनात्मक विश्लेषण करने पर, इन दोनों सिद्धांतों की बुनियादी मान्यताओं और उनके कार्यात्मक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
इवान पावलव द्वारा प्रतिपादित 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत 'स्वाभाविक उद्दीपक' (Unconditioned Stimulus), 'अननुबंधित अनुक्रिया' (Unconditioned Response), 'कृत्रिम या अनुबंधित उद्दीपक' (Conditioned Stimulus) और 'विलोपन' (Extinction) जैसी संकल्पनाओं की तात्विक और प्रायोगिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत के संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सिद्धांतों के तुलनात्मक एवं तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, इन तीनों व्यवहारवादी अधिगम सिद्धांतों के उद्दीपन (Stimulus) और अनुक्रिया (Response) के संबंध तथा उनके संचालन तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
इवान पावलव द्वारा प्रतिपादित 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत, जब एक अस्वाभाविक उद्दीपक (Conditioned Stimulus - CS) को लगातार बिना किसी स्वाभाविक उद्दीपक (Unconditioned Stimulus - US) के प्रस्तुत किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप अनुबंधित अनुक्रिया (Conditioned Response - CR) धीरे-धीरे कमजोर होकर समाप्त हो जाती है, तो पावलव के अनुबंधन ढांचे के अनुसार इस मनोवैज्ञानिक परिघटना को निम्नलिखित में से किस नाम से जाना जाता है?
→
क्लासिकीय अनुबंधन सिद्धांत (Classical Conditioning Theory) के संदर्भ में, इवान पावलव के प्रयोगों में 'विलंबित अनुबंधन' (Delayed Conditioning) और 'अवशेष अनुबंधन' (Trace Conditioning) के बीच तात्विक एवं प्रक्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से कौन-सा विकल्प स्पष्ट करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.