नैतिक एवं चारित्रिक विकास
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'पारंपरिक नैतिकता' (Conventional Morality) के द्वितीय चरण—अर्थात 'अधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Law and Order Orientation)—का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इस चरण की तात्विक और व्यवहारिक गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'अधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Law and Order Orientation) पारंपरिक स्तर (Conventional Level) का दूसरा और कुल मिलाकर चौथा चरण है। इस चरण में व्यक्ति यह मानता है कि समाज में शांति और सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए कानूनों, नियमों और प्राधिकारी व्यक्तियों (जैसे पुलिस, अदालत, शिक्षक या सरकार) की आज्ञा का पालन करना हर नागरिक का परम कर्तव्य है। इस अवस्था में नियम कठोर और अटल माने जाते हैं। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation)—जिसे उस उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-conventional Level) के चरण के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून लचीले सामाजिक अनुबंध हैं जिन्हें जनता के कल्याण और लोकतांत्रिक सहमति के आधार पर बदला जाना चाहिए, और वैयक्तिक मानवाधिकार तथा न्याय की भावना किसी भी कठोर संस्थागत नियम या वैधानिक आज्ञाकारिता से सर्वोपरी होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नैतिक तर्कों, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक चेतना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation)—जिसे उस उत्तर-पारंपरिक नैतिकता (Post-conventional Morality) के स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून सामाजिक अनुबंध के रूप में लचीले होने चाहिए, और यदि कोई कानून समाज के बुनियादी अधिकारों या न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध जाता है, तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से बदला जा सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक दृष्टिकोण, नैतिक तार्किकता (Moral Reasoning) और न्यायबोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास किस स्तर के अंतर्गत आता है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'पारंपरिक नैतिकता के स्तर' (Conventional Level) के दूसरे चरण—यानी 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Authority and Social Order Maintaining Orientation)—का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की तात्विक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता' (Post-conventional Morality) के प्रथम चरण तथा समग्र रूप से सिद्धांत के 'चरण 5'—अर्थात 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation)—का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इस स्तर पर बालक या वयस्क के नैतिक तर्कों की तात्विक और गत्यात्मक विशेषता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Level) की अंतिम अवस्था यानी 'विवेक की सार्वभौमिक नीतिपरक अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) की तात्विक और दार्शनिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की मूल विशेषताओं को सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता' (Pre-conventional Morality) के प्रथम चरण—अर्थात 'दंड और आज्ञाकारिता अभिविन्यास' (Obedience and Punishment Orientation)—का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इस चरण की तात्विक और व्यवहारिक गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Conventional Level) के दूसरे चरण—अर्थात 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Law and Order Orientation)—का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस चरण की तात्विक और व्यवहारिक गतिकी को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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