लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Pre-Conventional Level) की पहली अवस्था—यानी 'दंड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास' (Punishment and Obedience Orientation) की तात्विक और क्रियात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अनुसार, 'पूर्व-रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Pre-Conventional Level) इस सिद्धांत का पहला चरण है, जो लगभग 4 से 10 वर्ष की आयु के बालकों में देखा जाता है। इस स्तर की पहली अवस्था 'दंड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास' (Punishment and Obedience Orientation) है। इस अवस्था में बच्चे के लिए नैतिकता का पैमाना केवल बाह्य परिणाम होता है—विशेष रूप से शारीरिक दंड (Punishment) का भय। बालक किसी भी नियम का पालन इसलिए करता है ताकि उसे दंड न मिले, और वह सत्ता या बड़ों की शक्ति के आगे झुकता है। इसके विपरीत, विकल्प (a) उत्तर-रूढ़िगत स्तर के सामाजिक अनुबंध से, विकल्प (c) सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा की अवस्था से, और विकल्प (d) रूढ़िगत स्तर के 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास से संबंधित है। इस विषय पर अधिक विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।