अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,602 times
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत अधिगम अक्षमता (Learning Disability) से ग्रसित विद्यार्थियों—जैसे डिस्लेक्सिया (Dyslexia), डिस्ग्राफिया (Dysgraphia), और डिस्केलकुलिया (Dyscalculia)—की पहचान और उनके शैक्षणिक समावेशन के लिए 'विशिष्ट शिक्षण रणनीतियों' (Specialized Pedagogical Strategies) की गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन विद्यार्थियों के लिए वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा के संदर्भ में, अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) से ग्रसित बच्चों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) और बहु-संवेदी शिक्षण तकनीकों का उपयोग किया जाता है। डिस्लेक्सिया (पठन विकार), डिस्ग्राफिया (लेखन विकार), और डिस्केलकुलिया (गणितीय विकार) विशिष्ट तंत्रिका-विकास संबंधी स्थितियाँ हैं। बहु-संवेदी उपागम के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न इंद्रियों (देखना, सुनना, छूना) का एक साथ उपयोग करने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी संज्ञानात्मक प्रक्रिया और संकल्पनाओं की समझ सुदृढ़ होती है। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के चिकित्सीय एवं मनोवैज्ञानिक वर्गीकरण…
← पिछला प्रश्न
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities)…
Related Questions
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत अधिगम अक्षमता (Learning Disability) से ग्रसित बालकों, जैसे डिस्लेक्सिया (Dyslexia) या डिस्ग्राफिया (Dysgraphia) से पीड़ित विद्यार्थियों के आकलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सी मूल्यांकन पद्धति सबसे अधिक न्यायसंगत और वैज्ञानिक मानी जाती है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs - CWSN) के शिक्षण-अधिगम संदर्भ में, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-2005) तथा बाल-केंद्रित शिक्षा के सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी बच्चों (चाहे वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक रूप से किसी भी भिन्नता से युक्त हों) को एक साथ समान अवसर प्रदान करना है, जिसमें शिक्षण विधियों और मूल्यांकन प्रणालियों को बच्चों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार लचीला (Flexible) बनाया जाता है।
2. 'विशिष्ट बालकों' के अंतर्गत केवल तीव्र बुद्धि या प्रतिभाशाली (Gifted) बालकों को शामिल किया जाता है, जबकि अधिगम अक्षमता (Learning Disabilities) और शारीरिक रूप से बाधित बालकों के लिए केवल पृथक् विशेष विद्यालयों (Segregated Special Schools) की स्थापना करना ही NCF-2005 का प्राथमिक और एकमात्र संस्तुत दृष्टिकोण है।
3. समावेशी कक्षाओं में 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) का तात्पर्य ऐसी शिक्षण रणनीति से है, जहाँ शिक्षक प्रत्येक छात्र की अद्वितीय अधिगम शैली, गति और पूर्व ज्ञान को ध्यान में रखते हुए विषय-वस्तु, प्रक्रिया और उत्पादों में उचित संशोधन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत बौद्धिक रूप से अक्षम और अधिगम अक्षमता वाले बालकों के लिए 'व्यक्तिगत शिक्षण योजना' (Individualized Education Program - IEP) के निर्माण और कार्यान्वयन में निम्नलिखित में से किस मुख्य शैक्षणिक रणनीति का सबसे अधिक प्रभावी ढंग से प्रयोग किया जाना चाहिए?
→
'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्कैलकुलिया' (Dyscalculia - गणितीय और संख्यात्मक प्रसंस्करण अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'इंट्रापैरिएटल सल्कास' (Intraparietal Sulcus - IPS: संख्यात्मक परिमाण और स्थानिक-संख्यात्मक प्रतिनिधित्व का मुख्य केंद्र), 'बाएँ गोलार्ध का एंगुलर गाइरस' (Left Angular Gyrus - मौखिक गणितीय तथ्यों और प्रतीकों का पुनर्प्राप्ति), तथा 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex - कार्यकारी कार्य, कार्यशील स्मृति और गणितीय रणनीतियों का चयन) के बीच दोषपूर्ण न्यूरोनल कनेक्टिविटी, संख्यात्मक प्रसंस्करण में बाधा, और व्हाइट मैटर ट्रैक्ट्स के कम माइलिनेशन की सक्रियण गतिकी, तथा मारिया मोंटेसरी के 'मल्टीसेंसरी मैथमैटिकल मैटेरियल्स' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्कैलकुलिया ऑप्टिमाइज्ड म्यूटसेंसरी न्यूमेरिक पेडागोजी' (Neuro-Dyscalculia Optimized Multisensory Numeric Pedagogy) और विद्यार्थियों में संख्यात्मक प्रवाह, तार्किक-गणितीय समझ व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के चिकित्सीय एवं तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक (Neuropsychological) वर्गीकरण के अंतर्गत 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia), 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिसकेलकुलिया' (Dyscalculia) और 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) की तात्विक और स्नायुवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी मौखिक भाषा को समझने, उसके अर्थ ग्रहण करने तथा वैचारिक संप्रेषण में गंभीर कठिनाई का सामना करता है—जबकि उसकी श्रवण क्षमता, सामान्य बौद्धिक स्तर और अन्य संज्ञानात्मक कार्य पूर्णतः सामान्य हैं—तो इस विशिष्ट विकासात्मक भाषा विकार (Developmental Language Disorder) को वैज्ञानिक रूप से किस श्रेणी में रखा जाएगा?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डisग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) और 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) के न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक बालक को लिखित अभिव्यक्ति में अत्यधिक कठिनाई होती है, उसके अक्षर असंतुलित, वर्तनी में अशुद्धियाँ और रेखांकन में भ्रामक प्रवृत्तियाँ पाई जाती हैं, जबकि उसकी मौखिक अभिव्यक्ति और बुद्धि लब्धि (IQ) सामान्य स्तर की है, तो इस विशिष्ट स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिसलेक्सिया' (Dyslexia), और 'डिसफैसिया' (Dysphasia) जैसी विकासात्मक तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक विकृतियों की तात्विक और क्रियात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन विकारों के विशिष्ट लक्षणों, न्यूरोलॉजिकल आधार और उनके उपचारात्मक शिक्षण के संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के संदर्भ में, 'डिसएस्थेसिया' (Dysesthesia), 'डिसप्रेक्सिया' (Dyspraxia) और 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) जैसी विकासात्मक तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक (Neuropsychological) विकृतियों की तात्विक और क्रियात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन विकारों के विशिष्ट लक्षणों और उनके तंत्रिका संबंधी आधार को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.