जीन पियाजे
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,293 times
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Preoperational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) में बालकों के चिंतन में कुछ विशिष्ट सीमाएं होती हैं। इस अवस्था में बालक 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) के कारण दूसरों के दृष्टिकोण को नहीं समझ पाते, 'जीववाद' (Animism) के कारण निर्जीव वस्तुओं में प्राण या चेतना मानते हैं, और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के कारण मानसिक क्रियाओं को विपरीत क्रम में सोचने में असमर्थ होते हैं। इस महान मनोवैज्ञानिक और उनके सिद्धांतों के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक…
← पिछला प्रश्न
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत…
Related Questions
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा समझ जाता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की प्रमुख संज्ञानात्मक योग्यताओं—जैसे 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), और 'वर्गीकरण' (Classification)—तथा उनके पूर्ववर्ती चरण 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) के 'अहमकेंद्रवाद' (Egocentrism) और 'केंद्रीयकरण' (Centration) के मध्य तात्विक और विकासात्मक संक्रमण का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की प्रमुख विशेषताओं—जैसे 'जीववाद' (Animism), 'अहंकेंद्रित सोच' (Egocentrism), और 'संरक्षण का अभाव' (Lack of Conservation)—का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था (लगभग 2 से 7 वर्ष) के बालकों की मानसिक योग्यताओं और सीमाओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक संतुलन' (Equilibration), 'आत्मसाತ್मीकरण' (Assimilation), और 'समायोजन' (Accommodation) की तात्विक एवं क्रियात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब कोई बालक अपनी पूर्व-मौजूदा स्कीमा (Schema) में नए अनुभवों या सूचनाओं को समायोजित करने में असमर्थ होता है और मानसिक असंतुलन या संज्ञानात्मक द्वंद्व (Cognitive Conflict) की स्थिति उत्पन्न होती है, तब इस संपूर्ण प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) की तात्विक और मनोवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख सीमाओं—विशेषकर 'जीववाद' (Animism), 'अहंप्रकेंद्रिता' (Egocentrism), और 'केंद्रीयकरण' (Centration)—तथा 'संरक्षण' (Conservation) के अभाव के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.