वैयक्तिक भिन्नताएँ
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,188 times
मानव विकास के विभिन्न सिद्धांतों—विशेषकर 'विकास के समान प्रतिमान का सिद्धांत' (Principle of Uniform Pattern) और 'व्यक्तिगत विभिन्नता का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences)—की तात्विक और विकासात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों सिद्धांतों के मध्य अंतर्निहित तार्किक और वैज्ञानिक सहसंबंध के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बाल विकास के सिद्धांतों के अनुसार, मानव विकास एक निश्चित क्रम और प्रतिमान का अनुसरण करता है (जैसे दुनिया भर के बच्चों में बैठने, घिसटने और चलने का क्रम समान होता है), जिसे 'समान प्रतिमान का सिद्धांत' कहते हैं। हालांकि, हर बच्चा अपनी आनुवंशिक संरचना और पर्यावरणीय अंतःक्रिया के कारण अलग गति से विकसित होता है, जिसे 'व्यक्तिगत विभिन्नता का सिद्धांत' कहा जाता है। विकास की इन मूलभूत अवधारणाओं के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
मानव विकास के विभिन्न सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की अनवरतता का सिद्धांत'…
← पिछला प्रश्न
बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और…
Related Questions
→
बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों में 'परस्पर संबंध का सिद्धांत' (Principle of Interrelation) तथा 'विकास के व्यक्तिगत विभिन्नताओं का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences) का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक बालक का शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है, परंतु उसका मानसिक या सामाजिक विकास उस अनुपात में नहीं हो पाता है, तो बाल विकास की तात्विक प्रकृति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
बाल विकास के सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की अनवरतता का सिद्धांत' (Principle of Continuity) तथा 'विकास की व्यक्तिगत भिन्नता का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences) की तात्विक और वैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक बालक का शारीरिक, मानसिक और संवेगात्मक विकास गर्भधारण से लेकर मृत्युपर्यंत एक विशिष्ट क्रम में निरंतर आगे बढ़ता है, परंतु प्रत्येक बालक में इस विकास की गति और प्रतिमान में भिन्नता पाई जाती है, तो इन दोनों सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंध और व्यापक निहितार्थों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों—विशेष रूप से 'व्यक्तिगत विभिन्नता का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences) और 'एकीकरण का सिद्धांत' (Principle of Integration)—की तात्विक और वैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, विकास की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
बाल विकास के अध्ययन में विकास के विभिन्न सिद्धांतों, जैसे 'एकीकरण का सिद्धांत' (Principle of Integration), 'व्यक्तिगत विभिन्नता का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences), तथा 'समान प्रतिमान का सिद्धांत' (Principle of Uniform Pattern) की तात्विक और वैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन सिद्धांतों के अंतर्संबंध और बाल विकास की प्रक्रिया को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की तात्विक प्रकृति तथा विकास के प्रमुख सिद्धांतों—जैसे 'निरंतरता का सिद्धांत' (Principle of Continuity), 'समान प्रतिमान का सिद्धांत' (Principle of Uniform Pattern), और 'व्यक्तिगत भिन्नता का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences)—की वैज्ञानिक और विश्लेषणात्मक गतिकी का सूक्ष्म अध्ययन करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
बाल विकास के सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की अनवरतता का सिद्धांत' (Principle of Continuity) और 'व्यक्तिगत विभिन्नता का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences) एक-दूसरे से किस प्रकार अंतर्संबंधित हैं और विकास की प्रक्रिया पर उनका संयुक्त प्रभाव क्या होता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.