संज्ञानात्मक विकास
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक विकास के समाज-संचालित मॉडल' (Socio-driven Model of Cognitive Development) तथा 'अंतर-मानसिक और अंतः-मानसिक श्रेणियों' (Inter-mental and Intra-mental Categories) की तात्विक और गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, ज्ञान के निर्माण और उसके आंतरिकरण (Internalization) की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, सांस्कृतिक विकास का सामान्य नियम यह है कि प्रत्येक उच्च मानसिक कार्य बच्चे के विकास में दो बार प्रकट होता है—पहले सामाजिक स्तर पर (Inter-mental अर्थात् लोगों के बीच अंतःक्रिया के रूप में) और बाद में व्यक्तिगत स्तर पर (Intra-mental अर्थात् बच्चे के स्वयं के भीतर आंतरिकरण के माध्यम से)। इस प्रक्रिया के विषय में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पढ़ सकते हैं।
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की मुख्य विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के तात्विक और विकासात्मक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - 7 से 11 वर्ष) तथा 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष से आगे) की तात्विक, तार्किक और ज्ञानात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों अवस्थाओं के मध्य 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), और विशेष रूप से 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) की क्षमताओं के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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