वृद्धि एवं विकास: अवधारणा और अंतर
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,734 times
बाल विकास के अध्ययन में 'परिपक्वता' (Maturation) और 'अधिगम' (Learning) के तात्विक एवं अंतर्संबंधात्मक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक बालक बिना किसी पूर्व प्रशिक्षण या अभ्यास के अपनी जैविक और आनुवंशिक रूप से निर्धारित अवस्थाओं के कारण स्वतः ही कुछ विशिष्ट शारीरिक व मानसिक कार्य करने में सक्षम हो जाता है, जबकि अन्य जटिल कौशलों को प्राप्त करने के लिए उसे पर्यावरण में निरंतर अभ्यास और प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है, तो इन दोनों संकल्पनाओं के मध्य विभेद और उनके अंतर्संबंध के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बाल विकास में 'परिपक्वता' (Maturation) आनुवंशिक रूप से प्रोग्राम की गई जैविक परिवर्तनों की वह प्रक्रिया है जो आयु के साथ स्वतः होती है, इसके लिए किसी विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती। इसके विपरीत, 'अधिगम' (Learning) अनुभव, प्रशिक्षण और अभ्यास के माध्यम से होता है। हालांकि दोनों भिन्न हैं, लेकिन वे अंतःसंबंधित हैं; परिपक्वता अधिगम के लिए आधार तैयार करती है और अधिगम परिपक्वता की संभावनाओं को अधिकतम करता है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के…
← पिछला प्रश्न
बाल विकास की अवधारणा के अंतर्गत 'अभिवृद्धि' (Growth) और…
Related Questions
→
बाल विकास के संदर्भ में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं तथा उनके अंतर्संबंधों का तात्विक और वैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
बाल विकास के संदर्भ में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं, उनके तात्विक अंतर तथा विकास के विभिन्न सिद्धांतों (जैसे निरंतरता का सिद्धांत, एकीकरण का सिद्धांत और व्यक्तिक भिन्नता का सिद्धांत) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि एक बालक की शारीरिक संरचना में मात्रात्मक परिवर्तन होने के साथ-साथ उसकी मानसिक, सामाजिक और संवेगात्मक क्षमताओं में गुणात्मक परिपक्वता आती है, तो इन दोनों प्रक्रियों के अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
बाल विकास के संदर्भ में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं तथा उनके अंतर्संबंधों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और वैज्ञानिक दृष्टि से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की तात्विक प्रकृति तथा विकास के विभिन्न सिद्धांतों (जैसे- 'वर्तुलकार या सर्पिलाकार प्रगति' का सिद्धांत और 'विकास की भविष्यवाणी की जा सकती है' का सिद्धांत) का सूक्ष्म वैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों अवधारणाओं और सिद्धांतों के संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
मानव विकास की अवधारणा, उसकी अभिवृद्धि (Growth) और विकास (Development) के बीच के तात्विक एवं गुणात्मक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, तथा विकास के प्रमुख सिद्धांतों (जैसे- निरंतरता का सिद्धांत, एकीकरण का सिद्धांत, और सिर से पैर की दिशा का सिद्धांत या सेफलोकाडल ट्रेंड) के आलोक में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक वैज्ञानिक और प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
मानव विकास के संदर्भ में परिपक्वता (Maturation) और अधिगम (Learning) के बीच के अंतःसंबंधों का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों संकल्पनाओं की वास्तविक प्रकृति और उनके अंतःक्रियात्मक प्रभाव को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.