नैतिक एवं चारित्रिक विकास
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,179 times
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Level) के प्रथम चरण—'अच्छा लड़का - अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy - Good Girl Orientation / अंतर-व्यक्तिगत समन्वय) तथा 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-Conventional Level) के प्रथम चरण—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिविन्यास' (Social Contract and Individual Rights Orientation)—की तात्विक एवं दार्शनिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, सामाजिक नियमों और नैतिकता के पालन के संदर्भ में इन दोनों चरणों के मध्य क्या मूलभूत तात्विक अंतर है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पारंपरिक स्तर का तीसरा चरण ('अच्छा लड़का - अच्छी लड़की अभिविन्यास') अंतर्व्यक्तिगत संबंधों और सामाजिक स्वीकृति (Approval) पर केंद्रित होता है, जहाँ बालक दूसरों की नजरों में अच्छा बनने के लिए कार्य करता है। इसके विपरीत, उत्तर-पारंपरिक स्तर का पाँचवा चरण ('सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार') इस मान्यता पर आधारित होता है कि सामाजिक नियम और कानून परम सत्य या कठोर पाबंदियां नहीं हैं, बल्कि वे आपसी सहमति से बने लचीले अनुबंध हैं। यदि कोई कानून समाज के बुनियादी अधिकारों या न्याय के विरुद्ध हो, तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बदला जा सकता है। विकिपीडिया संदर्भ
अगला प्रश्न →
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के…
← पिछला प्रश्न
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral…
Related Questions
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए मनोवैज्ञानिक कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग का प्रतिमान पुरुषों के न्याय-उन्मुख (Justice-oriented) दृष्टिकोण पर अत्यधिक केंद्रित है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और जिम्मेदारी' (Care and Responsibility) के संदर्भात्मक और संबंधात्मक दृष्टिकोण पर आधारित होता है। गिलिगन के इस नारीवादी और विकासात्मक परिप्रेक्ष्य के अनुसार, महिलाओं के नैतिक तर्क का सर्वोच्च और परिपक्वतम स्तर कोहलबर्ग के किस स्तर या वैचारिक प्रतिमान से सीधे तौर पर भिन्नता रखता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-Conventional Level) के द्वितीय चरण—'विवेक और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास' (Universal Ethical Principles Orientation)—की दार्शनिक और तात्विक गहराई का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस चरण में व्यक्ति के नैतिक निर्णय और न्याय की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अनुसार, पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Conventional Level) के अंतर्गत आने वाले चौथे चरण यानी 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Law and Order Orientation) की सबसे प्रमुख और विशिष्ट विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के चरम चरण—अर्थात 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation)—की अवधारणा, जिसके तहत व्यक्ति किसी सामाजिक नियम या कानून के अंधे अनुपालन के बजाय अपने स्वयं के अंतःकरण, सार्वभौमिक मानवाधिकारों, न्याय, समानता और मानवीय गरिमा के आंतरिक रूप से चयनित स्व-निर्धारित नैतिक सिद्धांतों के आधार पर सही और गलत का निर्णय करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय आलोचनात्मक नैतिक चिंतन, लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वायत्त निर्णय-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'पारंपरिक नैतिकता' (Conventional Morality) के स्तर के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों—'अच्छा लड़का/अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy/Good Girl Orientation) तथा 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Law and Order Orientation)—का तात्विक और तुलनात्मक विश्लेषण करने पर, इन दोनों चरणों में व्यक्ति की नैतिक तार्किकता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) की सीमाओं और आलोचनाओं—विशेष रूप से कैरोल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा प्रस्तुत 'नैतिक देखभाल के दृष्टिकोण' (Ethics of Care) के परिप्रेक्ष्य में—यदि हम कोहलबर्ग के उच्चतम स्तर (उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता) के सार्वभौमिक सिद्धांतों और गिलिगन के संबंधों पर आधारित न्याय-देखभाल के द्वंद्व का तात्विक विश्लेषण करें, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के तात्विक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'पूर्व-पारंपरिक स्तर' (Pre-conventional Level) के प्रथम चरण—'सजा और आज्ञाकारिता अभिविन्यास' (Obedience and Punishment Orientation)—तथा द्वितीय चरण—'व्यक्तिवाद और विनिमय' (Individualism and Exchange)—की तात्विक और दार्शनिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस स्तर के बालकों के नैतिक निर्णय लेने की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता' (Post-conventional Morality) के अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation - Stage 6) की तात्विक और दार्शनिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के विशिष्ट लक्षणों और सामाजिक-कानूनी व्यवस्था के साथ उसके द्वंद्व के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.