सिगमंड फ्रायड
Asked 2 months ago · Viewed 27 times
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों—विशेषकर 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) और 'फालिक अवस्था' (Phallic Stage)—तथा व्यक्तित्व की संरचना (इदम, अहम्, और पराहम्) के अंतर्संबंधों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक 'फालिक अवस्था' (लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु) के दौरान 'ओडिपस कॉम्प्लेक्स' (Oedipus Complex) या 'इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स' (Electra Complex) से गुजरते हुए अपने माता-पिता के प्रति विशिष्ट संवेदी और तार्किक द्वंद्व का अनुभव करता है, और इस दौरान फ्रायड के अनुसार 'पराहम्' (Superego) का वास्तविक विकास होता है; तो इस विकासात्मक प्रक्रिया और इसके दीर्घकालिक मनोवैज्ञानिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत के अनुसार, व्यक्तित्व का विकास विभिन्न चरणों से होकर गुजरता है। फालिक अवस्था (Phallic Stage) में बालक 'ओडिपस कॉम्प्लेक्स' (बालकों में माता के प्रति आकर्षण और पिता के प्रति ईर्ष्या) तथा बालिकाएं 'इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स' का अनुभव करती हैं। इस द्वंद्व का समाधान तब होता है जब बच्चा अपने समलिंगी माता-पिता के साथ तादात्म्य (Identification) स्थापित करता है, जिससे नैतिक चेतना यानी 'पराहम्' (Superego) का विकास होता है। इसी प्रकार, गुदा अवस्था (Anal Stage) में अत्यधिक कठोर या अनुचित टॉयलेट ट्रेनिंग से 'गुदा-धारण' या 'गुदा-मुक्त' व्यक्तित्व लक्षण उत्पन्न होते हैं। विकिपीडिया संदर्भ
अगला प्रश्न →
सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) में व्यक्तित्व…
← पिछला प्रश्न
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत के अंतर्गत…
Related Questions
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों तथा व्यक्तित्व की संरचना (इदम, अहम् और पराअहम्) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के दौरान विपरीत लिंगी माता-पिता के प्रति अचेतन आकर्षण और समलैंगिक माता-पिता के प्रति प्रतिद्वंद्विता या भय (जैसे लड़कों में ओडिपस ग्रंथि और लड़कियों में इलेक्ट्रा ग्रंथि) का अनुभव करता है, तथा इस चरण के सफलतापूर्वक समाधान के फलस्वरुप नैतिक मूल्यों और अंतःकरण का विकास होता है, तो फ्रायड के इस सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत, जब कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के 'फालिक अवस्था' (Phallic Stage) से गुजरता है, तो इस चरण में उत्पन्न होने वाली 'ईडिपस ग्रंथि' (Oedipus Complex) और 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' (Electra Complex) के समाधान के रूप में बालक अपनी समान लिंगी माता-पिता के साथ तादात्म्य (Identification) स्थापित करता है। यह मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया फ्रायड के व्यक्तित्व के किस संरचनात्मक तंत्र के अत्यधिक सक्रिय होने का प्रत्यक्ष परिणाम होती है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'फैलिस अवस्था' (Phallic Stage) में बालकों द्वारा अनुभव की जाने वाली 'ईडिपस कॉम्प्लेक्स' (Oedipus Complex) और बालिकाओं द्वारा अनुभव की जाने वाली 'इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स' (Electra Complex) की गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था (लगभग 3 से 6 वर्ष) के दौरान व्यक्तित्व विकास और पहचान निर्माण (Identification) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) में व्यक्तित्व की संरचना के तीन प्रमुख घटकों—इदम (Id), अहम् (Ego), और पराहम् (Superego)—के आपसी गत्यात्मक संघर्ष और उनके संचालनात्मक नियमों (जैसे सुख का सिद्धांत, वास्तविकता का सिद्धांत और नैतिकता का सिद्धांत) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विश्लेषणात्मक कथन सर्वाधिक सटीक है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों—विशेषकर 'सुषुप्त अवस्था' (Latency Stage) और 'जननांग अवस्था' (Genital Stage)—तथा रक्षा तंत्रों (Defense Mechanisms) के अंतर्संबंधों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई किशोरावस्था का बालक विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण, अपनी दमित यौन ऊर्जा का सामाजिक रूप से स्वीकृत उच्च-स्तरीय कलात्मक या बौद्धिक गतिविधियों में 'उर्ध्वपातन' (Sublimation) करने तथा अपनी कामुकता को परिपक्वता की ओर ले जाने में संघर्ष करता है, तो फ्रायड के इस सिद्धांत और विकासात्मक गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत आने वाले विभिन्न चरणों—विशेषकर 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) और 'लैंगिक अवस्था' (Phallic Stage)—तथा रक्षा तंत्रों (Defense Mechanisms) के तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण पर विचार कीजिए। यदि एक व्यक्ति के व्यक्तित्व में अत्यधिक कठोरता, व्यवस्थापन की जिद, कंजूसी और अत्यधिक अनुशासनप्रियता जैसे लक्षण बाल्यावस्था के दौरान फ्रायडियन चरणों में उत्पन्न हुई किसी विशिष्ट समस्या (Fixation) के कारण प्रकट होते हैं, तो फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार इस स्थिति और संबंधित रक्षा तंत्रों की अंतर्निहित गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों तथा व्यक्तित्व की संरचना (इदम, अहम्, और पराहम्) का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक बाल्यावस्था के दौरान बालक अपनी कामवासना की ऊर्जा (Libido) को किसी विशिष्ट एरोजेनस जोन पर केंद्रित करता है और इस दौरान यदि किसी चरण में अत्यधिक संतुष्टि या अत्यधिक कुंठा (Fixation) उत्पन्न हो जाती है, तो व्यक्तित्व के विकास और फ्रायडियन गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.