अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,497 times
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) के उप-प्रकारों—विशेष रूप से 'फोनोलॉजिकल डिस्लेक्सिया' (Phonological Dyslexia) और 'सरफेस डिस्लेक्सिया' (Surface Dyslexia)—तथा मस्तिष्क के कॉर्टिकल क्षेत्रों में होने वाले न्यूरोलॉजिकल व्यतिक्रमों का गहन वैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी अपरिचित शब्द को ध्वन्यात्मक रूप से खंडित करके पढ़ने या डिकोड करने में पूरी तरह सक्षम है, परंतु अनियमित या अपवाद स्वरूप वर्तनी वाले शब्दों (जैसे 'ough' या 'colonel' युक्त शब्द) को उनके समग्र दृश्यात्मक स्वरूप के आधार पर पहचानने में गंभीर रूप से विफल रहता है, तो उसके इस विशिष्ट पठन विकार और उपचारात्मक रणनीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सरफेस डिस्लेक्सिया (Surface Dyslexia) एक ऐसा पठन विकार है जिसमें व्यक्ति शब्दों के दृश्यात्मक (visual) या ऑर्थोग्राफिक रूप को समग्र रूप से पहचान नहीं पाता है। ऐसे शिक्षार्थी शब्दों के उच्चारण के लिए केवल ध्वन्यात्मक (phonological) मार्ग पर निर्भर रहते हैं, जिसके कारण वे उन अनियमित शब्दों (Irregular Words) को पढ़ने में संघर्ष करते हैं जिनकी वर्तनी उनके उच्चारण नियमों से मेल नहीं खाती। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के मनोवैज्ञानिक एवं तंत्रिका-वैज्ञानिक…
← पिछला प्रश्न
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के अंतर्गत…
Related Questions
→
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के क्षेत्र में स्टीफन कोरी (Stephen Corey) और डेविड हूपर (David Hopkins) द्वारा विकसित मॉडलों का शिक्षण विधियों के सुधार के संदर्भ में सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा में किसी विशेष पठन अक्षमता (जैसे डिस्लेक्सिया) से जूझ रहे छात्रों के लिए 'उपचारात्मक शिक्षण विधि' (Remedial Teaching Method) के प्रभाव का मूल्यांकन करने हेतु त्वरित और व्यावहारिक शोध चक्र चलाता है, तब इस प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी तात्विक और कार्यप्रणालीगत विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia - लेखन और मोटर-ग्राफिक प्रसंस्करण अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'बाएँ गोलार्ध के एक्सरूरियल मोटर कॉर्टेक्स' (Exrorial Motor Cortex / Motor Strip - हाथ की सूक्ष्म मांसपेशियों का नियंत्रण), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia - मोटर कौशल का क्रमांकन और स्वचालित लेखन), तथा 'सेरिबैलम' (Cerebellum - हस्त-नेत्र समन्वय और लेखन लयबद्धता) के बीच न्यूरो-मस्कुलर समन्वय विफलता, दृश्य-स्थानिक और गतिज एकीकरण (Visuo-Motor Integration) में बाधा की सक्रियण गतिकी, तथा अलेक्जेंडर लुरिया के 'कार्यात्मक मस्तिष्क इकाइयों' (Functional Units of Brain) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्ग्राफिया ऑप्टिमाइज्ड मल्टीसेंसरी काइनेस्थेटिक पेडागोजी' (Neuro-Dysgraphia Optimized Multisensory Kinesthetic Pedagogy) और विद्यार्थियों में ग्राफिक प्रतीक निर्माण, सूक्ष्म पेशीय समन्वय व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'अधिगम अक्षमताओं और तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक विकारों' के संदर्भ में, सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा पहली बार गढ़े गए पद 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) के फोमोलॉजिकल डेफिसिट मॉडल (Phonological Deficit Model) और 'डिस्कैल्कुलिया' (Dyscalculia) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप, तथा रैनडॉल ग्राह्म (Randall Graham) एवं साथियों द्वारा विश्लेषित 'दृश्य-स्थानिक और कार्यकारी स्मृति अक्षमताओं' (Visual-Spatial and Working Memory Deficits) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुसंवेदी अनुदेशन (Multi-sensory Instruction जैसे वार्टन-फर्नांडिस तकनीक) और विद्यार्थियों में उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) के प्रभावी क्रियान्वयन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के संदर्भ में, डिस्लेक्सिया (Dyslexia), डिसग्राफिया (Dysgraphia) और डिसकैलकुलिया (Dyscalculia) जैसी विशिष्ट अधिगम विकलांगताओं का सूक्ष्म न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन विकारों के मूल कारणों और उनकी कक्षा-कक्षीय अभिव्यक्ति के संबंध में सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक (Neuro-psychological) आधारों तथा उनकी सह-रुग्णता (Comorbidity) का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षार्थी को लिखित प्रतीकों को डिकोड करने, ध्वन्यात्मक जागरूकता (Phonological Awareness) स्थापित करने तथा मुद्रित शब्दों को धाराप्रवाह पढ़ने में गंभीर कठिनाई होती है, और इसके साथ ही उसे अंकों, गणितीय संकेतों, स्थानिक संबंधों और मानसिक गणनाओं को संसाधित करने में भी विशिष्ट विफलता का सामना करना पड़ता है, तो न्यूरोलॉजिकल और क्लिनिकल वर्गीकरण के अनुसार इस बहुआयामी स्थिति में कौन-सी विशिष्ट अधिगम अक्षमताएँ एक साथ संलिप्त मानी जाएँगी?
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के तात्विक और न्यूरोलॉजिकल आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी गणितीय गणनाओं को करने, संख्याओं के स्थानीय मान (Place Value) को समझने, मौखिक और लिखित गणितीय समस्याओं के बीच समन्वय स्थापित करने तथा संकेतों (जैसे +, -, ×, ÷) की पहचान में गंभीर कठिनाई का अनुभव करता है, तो इस विशिष्ट न्यूरो-विकास संबंधी विकार को किस श्रेणी के अंतर्गत रखा जाएगा और इसके निदान हेतु निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक प्रामाणिक शैक्षणिक उपाय माना जाता है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) और 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) के न्यूरोलॉजिकल एवं मनोवैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी गत्यात्मक समन्वय (Motor Coordination), शारीरिक संतुलन, सूक्ष्म पेशीय कौशलों (जैसे पेन पकड़ना या जूते के फीते बांधना) के साथ-साथ गणितीय अवधारणाओं, संख्याओं के परिमाण और स्थानिक तर्क (Spatial Reasoning) को समझने में गंभीर कठिनाई का अनुभव करता है, तो इन दोनों विशिष्ट विकासात्मक विकारों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के चिकित्सीय एवं मनोवैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी पठन के दौरान शब्दों को उलटने, वर्णमाला के आकारों (जैसे 'b' और 'd', या 'p' और 'q') में अंतर न कर पाने, वर्तनी संबंधी गंभीर अशुद्धियाँ करने और मुद्रित प्रतीकों को ध्वनियों में बदलने में निरंतर कठिनाई का अनुभव करता है, तो इस विशिष्ट न्यूरोलॉजिकल विकार और इसके निवारण हेतु उपयुक्त बहु-संवेदी शिक्षण उपागम (Multi-sensory Teaching Approach - जैसे ओरटन-गिमेलिंग विधि) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.