BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
1 views

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs - CWSN) की शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'व्यक्तिगत शिक्षा योजना' (Individualized Education Program - IEP) की तात्विक एवं शैक्षणिक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक अपनी कक्षा में बौद्धिक अक्षमता, आटिज्म (Autism) और श्रवणबाधा से ग्रसित विद्यार्थियों की व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) को ध्यान में रखते हुए उनकी अधिगम गति, रुचियों और क्षमताओं के अनुसार पाठ्यचर्या, शिक्षण विधियों तथा मूल्यांकन रणनीतियों में रणनीतिक संशोधन करता है, तो समावेशी शिक्षा के इस वैज्ञानिक ढांचे के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं तार्किक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

समावेशी शिक्षा के संदर्भ में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'व्यक्तिगत शिक्षा योजना' (Individualized Education Program - IEP) विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के सर्वांगीण विकास के आधार स्तंभ हैं। विभेदित अनुदेशन के तहत शिक्षक पाठ्यवस्तु (Content), शिक्षण प्रक्रिया (Process), और अधिगम उत्पादों (Products) में विद्यार्थियों की भिन्न योग्यताओं के अनुसार लचीलापन लाते हैं। वहीं, IEP प्रत्येक बच्चे की विशिष्टक्षमताओं का आकलन करके उसके लिए एक लक्षित शैक्षणिक मार्ग तैयार करता है। इस तात्विक अवधारणा को अधिक गहराई से समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ का अध्ययन कर सकते हैं।
Share:

Related Questions

शिक्षण प्रक्रिया में 'रचनात्मक फीडबैक' (Constructive Feedback) का मुख्य उद्देश्य क्या है? अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के मनोवैज्ञानिक एवं तंत्रिका-वैज्ञानिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी दृश्य-स्थानिक सूचनाओं को संसाधित करने में गंभीर कठिनाई का अनुभव करता है, गणितीय गणनाओं, अंकों के स्थानीय मान (Place Value) और ज्यामितीय आकृतियों को समझने में असमर्थ होता है, तथा साथ ही उसे पाठ्यसामग्री को पढ़ने में भी विशिष्ट बाधाओं का सामना करना पड़ता है, तो न्यूरोलॉजिकल और क्लिनिकल वर्गीकरण के अनुसार इस स्थिति में डिस्लेक्सिया (Dyslexia), डिसकैल्कुलिया (Dyscalculia) और दृश्य-स्थानिक प्रसंस्करण दोष के अंतर्संबंध के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'अनुकूली आकलन' (Adaptive Assessment) और 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) के मूल्यांकन के सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक वैज्ञानिक और तार्किक रूप से सही है? सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार, व्यक्तित्व की संरचना में 'इदम' (Id), 'अहम' (Ego), और 'पराअहम' (Superego) की गतिकी कार्यप्रणाली होती है। जब 'इदम' की पाशविक और मूल प्रवृत्तिक इच्छाओं तथा 'पराअहम' के अत्यधिक कठोर नैतिक और आदर्शवादी दबावों के बीच तीव्र मानसिक संघर्ष उत्पन्न होता है, तब इस तनाव को कम करने के लिए 'अहम' द्वारा अचेतन रूप से उपयोग की जाने वाली रक्षा युक्तियाँ (Defense Mechanisms) किस प्रकार कार्य करती हैं? सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) और 'फैलिक अवस्था' (Phallic Stage) के दौरान बालकों में उत्पन्न होने वाले मनोवैज्ञानिक संघर्षों तथा 'इड' (Id), 'इगो' (Ego) और 'सुपरइगो' (Superego) की गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा तात्विक कथन इस सिद्धांत के संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.