अधिगम स्थानांतरण, वक्र एवं पठार
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अधिगम के मनोविज्ञान में 'अधिगम के वक्र' (Learning Curves) की विभिन्न गतियों और 'अधिगम के पठार' (Plateaus in Learning) की तात्विक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, यदि किसी शिक्षार्थी के सीखने के ग्राफ में प्रारंभिक चरण में प्रगति तीव्र होने के पश्चात अचानक कुछ समय के लिए अधिगम की मात्रा में कोई वृद्धि नहीं होती है और ग्राफ पूरी तरह क्षैतिज (Horizontal) हो जाता है, जिसे पठार कहा जाता है, तो इस स्थिति के उत्पन्न होने के पीछे 'मानसिक थकान', 'प्रेरणा की कमी' या 'पुरानी आदतों का नई आदतों के साथ अंतर्द्वंद्व' जैसे कारणों के अलावा निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे प्रमुख मनोवैज्ञानिक कारण इस पठार के निर्माण और इसके उपरांत पुन: प्रगति होने की प्रक्रिया को सर्वाधिक वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है?
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Detailed Explanation
अधिगम के वक्र और पठार (Learning Curve and Plateau) मनोविज्ञान में महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं। जब सीखने की प्रक्रिया के दौरान कुछ समय के लिए प्रगति रुक जाती है, तो उसे अधिगम का पठार कहते हैं। यह इस बात का संकेत होता है कि मानसिक स्तर पर पुराना ज्ञान और नए कौशल एक-दूसरे के साथ सामंजस्य स्थापित करने तथा संज्ञानात्मक संरचनाओं के पुनर्गठन (Cognitive Reorganization) की प्रक्रिया से गुजर रहे होते हैं। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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अधिगम के वक्र (Learning Curves) तथा अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning)…
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अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के विभिन्न…
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अधिगम के पठार (Plateau in Learning) की वैज्ञानिक अवधारणा, इसके उत्पन्न होने वाले कारकों (जैसे थकान, प्रेरणा की कमी, जटिलता में वृद्धि) तथा 'सकारात्मक व ऋणात्मक अधिगम स्थानांतरण' (Positive and Negative Transfer of Learning) के तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षार्थी किसी नए कौशल को सीखने के क्रम में निष्पादन स्तर पर लंबे समय तक कोई प्रगति नहीं दर्शाता है (पठार की स्थिति), और साथ ही पूर्व में अर्जित उसका कोई भाषाई कौशल नए विदेशी भाषा के व्याकरण को सीखने में गंभीर बाधा उत्पन्न करता है (अधिगम का नकारात्मक स्थानांतरण), तो इस संपूर्ण मनोवैज्ञानिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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अधिगम के वक्र (Learning Curves) के विभिन्न प्रकारों—जैसे उत्तल वक्र (Convex Curve / नकारात्मक प्रगति वक्र), अवतल वक्र (Concave Curve / धनात्मक प्रगति वक्र), और 'S'-आकार का वक्र (S-shaped Curve)—तथा अधिगम के पठार (Plateau) और 'पारस्परिक या द्विपक्षीय अधिगम स्थानांतरण' (Bilateral Transfer of Learning) के तात्विक एवं वैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल कौशल को सीखने के शुरुआती दौर में अत्यंत धीमी गति से प्रगति करता है, परंतु अभ्यास जारी रखने पर उसकी प्रगति की गति तीव्र हो जाती है और अंततः वक्र पुनः सपाट होने लगता है (जो 'S'-आकार के वक्र को दर्शाता है), और साथ ही उसके द्वारा दाएं हाथ से सीखे गए कौशल का अभ्यास बाएं हाथ में स्वतः या आंशिक रूप से स्थानांतरित हो जाता है, तो इस संपूर्ण मनोवैज्ञानिक और अधिगमगत परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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अधिगम के मनोविज्ञान में ब्रायन और हार्ter (Bryan & Harter) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) के तात्विक कारणों, गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों द्वारा समर्थित 'अधिगम के वक्र' (Learning Curves) के विभिन्न प्रकारों (जैसे उत्तल, अवतल, एस-आकार का वक्र), तथा ई.एल. थार्नडाइक और सी.डब्लू. जड (C.W. Judd) द्वारा दिए गए 'अधिगम के स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के सिद्धांतों के बीच गत्यात्मक अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल मोटर कौशल को सीखते समय निष्पादन के स्तर पर एक लंबा क्षैतिज अवरोध (पठार) अनुभव करता है, और इस दौरान उसकी प्रेरणा का ह्रास, थकान या पुरानी आदतों का नए कौशल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, तो इन तीनों मनोवैज्ञानिक संकल्पनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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अधिगम के मनोविज्ञान में 'अधिगम के वक्र' (Learning Curves), 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) तथा 'अधिगम के स्थानांतरण' (Transfer of Learning) की तात्विक और गत्यात्मक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल कौशल (जैसे टाइपिंग या वाद्य यंत्र बजाना) को सीखते समय प्रारंभिक दौर में तीव्र गति से प्रगति करता है, तत्पश्चात उसका निष्पादन ग्राफ एक लंबे अंतराल के लिए बिल्कुल क्षैतिज (Horizontal) हो जाता है, और अंततः पूर्व में सीखे गए कौशल का नए कौशल पर धनात्मक या ऋणात्मक प्रभाव पड़ता है, तो इन तीनों घटनाओं के वैज्ञानिक और शैक्षणिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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'अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सेंसरी-मोटर कॉर्टेक्स' (Sensory-Motor Cortex), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) और 'एसोसिएशन एरिया' (Association Areas) के बीच न्यूरल पाथवे शेयरिंग, सिनैप्टिक ओवरलैप और पुराने कौशलों के तंत्रिका नेटवर्क के पुनरुपयोग की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स जुड (Charles Judd) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, संदर्भ-आधारित रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Context-based Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में सीखी गई संकल्पनाओं के वास्तविक जीवन में अनुप्रयोग, संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र समस्या-समाधान दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) और अधिगम वक्र (Learning Curve) की वैज्ञानिक गतिकी का विश्लेषण करते हुए, पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect) के संयुक्त अनुप्रयोग के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
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