जीन पियाजे
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'आत्मसातकीकरण' (Assimilation), 'समायोजन' (Accommodation), और 'संतुलनीकरण' (Equilibration) की प्रक्रियाओं का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई बच्चा पहली बार किसी चार पैर वाले चौपाए 'कुत्ते' को देखता है और उसे अपनी पूर्व-स्थापित स्कीमा (Schema) के आधार पर 'बिल्ली' मान लेता है (क्योंकि दोनों के चार पैर और पूंछ होती है), किंतु जब वह देखता है कि कुत्ता भौंकता है और बिल्ली म्याऊँ करती है, तब वह अपने मानसिक स्कीमा में संशोधन करते हुए दोनों के बीच भेद करना सीखता है। पियाजे के इस संज्ञानात्मक विकास प्रतिमान और ज्ञानात्मक संतुलन की प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई बालक नई सूचनाओं या अनुभवों का सामना करता है, तो वह 'आत्मसातकीकरण' (Assimilation) के माध्यम से उन्हें अपने मौजूदा मानसिक ढांचे या 'स्कीमा' (Schema) में फिट करने का प्रयास करता है। जब नई सूचना मौजूदा स्कीमा में पूरी तरह फिट नहीं बैठती, तो संज्ञानात्मक असंतुलन (Disequilibrium) उत्पन्न होता है, जिसे दूर करने के लिए बालक अपने स्कीमा में परिवर्तन या सुधार करता है, जिसे 'समायोजन' (Accommodation) कहा जाता है। अंततः, आत्मसातकीकरण और समायोजन के बीच संतुलन स्थापित होने की प्रक्रिया को 'संतुलनीकरण' (Equilibration) कहते हैं। इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) की विशिष्ट संज्ञानात्मक सीमाओं और विशेषताओं—विशेषकर 'जीववाद' (Animism), 'अहंप्रण्यता' (Egocentrism), और 'केंद्रीयकरण' (Centration)—का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बच्चा निर्जीव वस्तुओं (जैसे चलती हुई कार या गुड़िया) को सजीव और मानवीय भावनाओं से युक्त मानता है, तथा केवल किसी वस्तु के एक ही आयाम (जैसे बर्तन की ऊँचाई) पर ध्यान केंद्रित कर पाता है और उसकी चौड़ाई या अन्य आयामों की उपेक्षा करता है, तो पियाजे के इस अवस्था-सिद्धान्त और ज्ञानात्मक विकास के प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) की मुख्य विशेषताओं और 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) के तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई किशोर किसी वैज्ञानिक समस्या के समाधान के लिए पहले सभी संभावित परिकल्पनाओं (Hypotheses) का निर्माण करता है और फिर तार्किक रूप से उनकी व्यवस्थित जाँच करता है, तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: लगभग 2 से 7 वर्ष) की तात्विक और गत्यात्मक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, इस चरण की एक प्रमुख विशेषता 'जीववाद' (Animism) और 'अहमकेन्द्रियता' (Egocentrism) मानी जाती है। यदि कोई चार वर्ष का बालक अपने खिलौने वाली कार के गिर जाने पर यह रोने लगता है कि 'कार को चोट लग गई है और उसे बहुत दर्द हो रहा है', तथा वह यह मानता है कि हर व्यक्ति दुनिया को उसी तरह देखता और अनुभव करता है जैसे वह स्वयं देखता है, तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस व्यवहार की तात्विक प्रक्रिया को सर्वाधिक वैज्ञानिक एवं प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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