सिगमंड फ्रायड
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'सुप्त अवस्था' (Latency Period) तथा 'जननांग अवस्था' (Genital Stage) के तात्विक एवं गत्यात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक लगभग 6 वर्ष की आयु से यौवनारंभ (Puberty) तक के काल में प्रवेश करता है जहाँ उसकी कामुक ऊर्जा (Libido) अस्थायी रूप से सुप्त हो जाती है तथा वह अपना अधिकांश ध्यान बौद्धिक विकास, सामाजिक कौशल और समलैंगिक सहचरों के साथ मित्रता स्थापित करने में केंद्रित करता है, तत्पश्चात यौवनारंभ के उपरांत पुनः जननांग अवस्था में उसकी कामुक ऊर्जा जागृत होकर विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण और परिपक्व स्नेह के रूप में प्रकट होती है; तो फ्रायड के इस विकासात्मक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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Detailed Explanation
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत के अनुसार, लगभग 6 वर्ष से यौवनारंभ तक की अवधि को 'सुप्त अवस्था' (Latency Period) कहा जाता है। इस चरण में कामुक ऊर्जा (Libido) सुप्त हो जाती है और बालक अपनी ऊर्जा को सामाजिककरण, विद्यालयी शिक्षा, खेलकूद और समलैंगिक मित्रों के साथ मेल-जोल में लगाता है, जिसे विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ऊर्जा का उदात्तीकरण कहा जा सकता है। इसके पश्चात यौवनारंभ के साथ 'जननांग अवस्था' (Genital Stage) शुरू होती है, जहाँ परिपक्व कामुकता और विपरीत लिंग के प्रति स्वस्थ संबंध विकसित होते हैं। अतः विकल्प (b) इस सिद्धांत की सबसे सटीक व्याख्या करता है।
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सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियाँ' (Defense Mechanisms)—जिसे उस अचेतन मनोवैज्ञानिक रणनीतियों (Unconscious Psychological Strategies) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका उपयोग अहंकार (Ego) द्वारा इड (Id) की आवेգिक इच्छाओं और सुपरइगो (Superego) की नैतिक पाबंदियों के बीच उत्पन्न होने वाली चिंता (Anxiety) और आंतरिक संघर्ष से स्वयं को बचाने के लिए किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों तथा व्यक्तित्व की संरचना (इदम, अहम् और पराअहम्) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के दौरान विपरीत लिंगी माता-पिता के प्रति अचेतन आकर्षण और समलैंगिक माता-पिता के प्रति प्रतिद्वंद्विता या भय (जैसे लड़कों में ओडिपस ग्रंथि और लड़कियों में इलेक्ट्रा ग्रंथि) का अनुभव करता है, तथा इस चरण के सफलतापूर्वक समाधान के फलस्वरुप नैतिक मूल्यों और अंतःकरण का विकास होता है, तो फ्रायड के इस सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत, जब कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के 'फालिक अवस्था' (Phallic Stage) से गुजरता है, तो इस चरण में उत्पन्न होने वाली 'ईडिपस ग्रंथि' (Oedipus Complex) और 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' (Electra Complex) के समाधान के रूप में बालक अपनी समान लिंगी माता-पिता के साथ तादात्म्य (Identification) स्थापित करता है। यह मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया फ्रायड के व्यक्तित्व के किस संरचनात्मक तंत्र के अत्यधिक सक्रिय होने का प्रत्यक्ष परिणाम होती है?
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत के संदर्भ में, यदि कोई व्यक्तिशोथ या अवचेतन स्तर पर 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' (Electra Complex) या 'ओडिपस ग्रंथि' (Oedipus Complex) के समाधान के दौरान माता-पिता के साथ तादात्म्य (Identification) स्थापित करने के बजाय उस चरण में मानसिक रूप से उलझ कर रह जाता है, तो फ्रायड के अनुसार इस विकासात्मक ठहराव (Fixation) का वयस्क जीवन में व्यक्ति के व्यवहार पर सबसे प्रमुख मनोवैज्ञानिक प्रभाव क्या होगा?
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) और 'सुप्त अवस्था' (Latency Stage) के मनोवैज्ञानिक तथा विकासात्मक प्रभावों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बच्चा गुदा अवस्था के दौरान अत्यधिक कठोर या अत्यधिक उदार टॉयलेट ट्रेनिंग (Toilet Training) का सामना करता है, जिससे उसके व्यक्तित्व में जिद, कंजूसी और अत्यधिक व्यवस्थाप्रियता (Anal-retentive traits) जैसे लक्षण प्रकट होते हैं, तथा इसके पश्चात आने वाली सुप्त अवस्था में उसकी कामुक ऊर्जा (Libido) के दमन और सामाजिक-बौद्धिक कौशलों के अर्जन की गतिकी का क्या परिणाम होता है? इस संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'फैलिस अवस्था' (Phallic Stage) के दौरान उत्पन्न होने वाले 'एडिपस ग्रंथि' (Oedipus Complex) और 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' (Electra Complex) के मनोवैज्ञानिक, तार्किक तथा विकासात्मक प्रभावों का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के सफल समाधान और लिंग पहचान (Gender Identification) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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सिगमंड फ्रायड द्वारा प्रतिपादित मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) में व्यक्तित्व की संरचना को समझाने के लिए चेतना के स्तरों (Levels of Consciousness) और व्यक्तित्व के तीन मूलभूत घटकों—इदम (Id), अहम् (Ego) और पराअहम् (Superego)—की संकल्पना की गई है। यदि कोई व्यक्ति अपने सामाजिक जीवन में नैतिक मानकों, अंतरात्मा की आवाज़ और आदर्शवादी नियमों से अत्यधिक नियंत्रित रहता है तथा अपने किसी भी मूल आवेग या इच्छा को अवचेतन में दबा लेता है, जिससे वह अत्यधिक अपराधबोध (Guilt) का अनुभव करता है; तो फ्रायड के इस संरचनात्मक और गत्यात्मक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत में व्यक्तित्व की संरचना करने वाले तीन प्रमुख घटकों—इदम (Id), अहम् (Ego) और पराअहम् (Superego)—के परस्पर गत्यात्मक संघर्ष और उनके कार्य-तंत्र (Operating Principles) का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई व्यक्ति अपनी बुनियादी जैविक इच्छाओं और तात्कालिक संतुष्टि के आवेगों के बीच संतुलन साधने के लिए वास्तविकता के सिद्धांतों का उपयोग करता है, जबकि उसका पराअहम् नैतिक मूल्यों और आदर्शवादी नियंत्रण का प्रतिनिधित्व करता है, तो इन तीनों संरचनात्मक घटकों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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