वंशानुक्रम एवं वातावरण
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मानव विकास के संदर्भ में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) की अंतःक्रिया के तात्विक और वैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि दो जुड़वां बच्चों (Monozygotic Twins) को जन्म के तुरंत बाद अत्यंत भिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक और शैक्षणिक वातावरण में पालित-पोषित किया जाता है, तो उनके बौद्धिक विकास, व्यक्तित्व निर्माण और व्यवहारगत भिन्नताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन आधुनिक विकासात्मक मनोविज्ञान के अनुसार सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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Detailed Explanation
आधुनिक विकासात्मक मनोविज्ञान के अनुसार, मानव विकास (Human Development) न तो केवल वंशानुक्रम का और न ही केवल वातावरण का परिणाम है, बल्कि यह दोनों की निरंतर और जटिल अंतःक्रिया (Interaction) का फल है। आनुवंशिकी हमें एक निश्चित जैविक क्षमता और सीमा प्रदान करती है, जबकि विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पर्यावरणीय कारक यह तय करते हैं कि उन सीमाओं के भीतर व्यक्ति कितना विकास कर पाएगा।
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बाल विकास के निर्धारण में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) के सापेक्षिक प्रभावों तथा उनकी जटिल अंतःक्रिया का गहन तात्विक विश्लेषण करने पर, रॉबर्ट वुडवर्थ (R.S. Woodworth) के इस बहुचर्चित निष्कर्ष कि 'मानव विकास न तो केवल आनुवंशिक प्रवृत्तियों का परिणाम है और न ही केवल पर्यावरणीय उद्दीपकों का, बल्कि यह दोनों का एक अनिवार्य गुणनफल (Behavior = f(H × E)) है', के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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बाल विकास में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) की सापेक्षिक भूमिका और उनकी अंतःक्रिया के संदर्भ में, वुडवर्थ (Woodworth) के प्रसिद्ध समीकरण $Development = f(H \times E)$ का गहन तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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बाल विकास में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) की परस्पर अंतःक्रिया (Interaction) के संदर्भ में रॉबर्ट वुडवर्थ (Robert Woodworth) के दृष्टिकोण तथा आधुनिक व्यवहार आनुवंशिकी (Behavioral Genetics) के निष्कर्षों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और वैज्ञानिक दृष्टि से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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मानव विकास के संदर्भ में वंशानुक्रम (Heredity) और वातावरण (Environment) की सापेक्षिक भूमिका और उनकी जटिल अंतःक्रिया का अध्ययन करने वाले आनुवंशिकीविदों ने 'वंशानुक्रम की सीमा' (Range of Reaction) और 'निश्चिंतता के दायरे' (Niche-picking) जैसी अवधारणाओं का प्रतिपादन किया है। यदि किसी उच्च बौद्धिक क्षमता वाले बालक को अत्यंत वंचित, कुपोषित और अमानवीय वातावरणीय परिस्थितियों में रखा जाता है, तो उसकी वास्तविक बुद्धि लब्धि और संज्ञानात्मक निष्पत्ति उस ऊपरी सीमा तक नहीं पहुँच पाती जो उसके जीनोटाइप (Genotype) द्वारा जैविक रूप से निर्धारित थी। इसके विपरीत, एक औसत जीनोटाइप वाला बालक भी यदि अत्यंत समृद्ध, संवर्धित और प्रेरणादायक शैक्षणिक वातावरण में पलता-बढ़ता है, तो वह अपनी क्षमता का अधिकतम उपयोग कर पाता है। विकास के इस तात्विक, पारिस्थितिकी और आनुवंशिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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मानव विकास की प्रक्रिया में 'परिपक्वता' (Maturation) और 'अधिगम' (Learning) के आपसी संबंधों तथा वंशानुक्रम और वातावरण की जटिल अंतःक्रिया का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक जैविक रूप से निर्धारित आनुवंशिक अनुक्रमों के कारण बिना किसी पूर्व औपचारिक प्रशिक्षण के एक निश्चित आयु में चलना या दौड़ना सीख जाता है, जबकि उसकी बौद्धिक क्षमता और जटिल कौशल का विकास समृद्ध वातावरणीय उद्दीपनों और अभ्यास पर निर्भर करता है, तो परिपक्वता और अधिगम के इस तात्विक और विकासात्मक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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