बाल-केंद्रित एवं सक्रिय शिक्षण
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,968 times
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के जनक जॉन डीवी के 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) और बाल-केंद्रित शिक्षा के दर्शन का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय पारंपरिक पाठ्यक्रम और कठोर अनुशासन के स्थान पर 'समस्या समाधान' (Problem Solving), 'सहयोगात्मक शिक्षण' (Collaborative Learning), और 'प्रोजेक्ट विधि' (Project Method) को अपने दैनिक शिक्षण का मुख्य आधार बनाता है, तो इस शैक्षणिक प्रणाली के तात्विक और मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) पारंपरिक शिक्षा प्रणाली का खंडन करती है जो शिक्षक-केंद्रित और रटन विद्या पर आधारित थी। अमेरिकी दार्शनिक और शिक्षाविद् जॉन डीवी ने यह प्रतिपादित किया कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चे के संपूर्ण विकास के साथ-साथ उसे समाज में एक उत्तरदायी और सक्रिय नागरिक बनाना है। प्रगतिशील शिक्षा 'करके सीखने' (Learning by Doing), लोकतांत्रिक मूल्यों, आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) और समस्या समाधान पर जोर देती है। इसमें छात्र निष्क्रिय श्रोता नहीं बल्कि ज्ञान के सक्रिय निर्माता (Constructors of Knowledge) होते हैं।
अगला प्रश्न →
बाल-केंद्रित शिक्षा (Child-Centric Education) और जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा…
← पिछला प्रश्न
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) और बाल-केंद्रित…
Related Questions
→
बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा (Child-Centric and Progressive Education) के अंतर्गत 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) और 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) की तात्विक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, पारंपरिक अध्यापक-प्रधान कक्षा और प्रगतिशील लोकतांत्रिक कक्षा के मध्य कौन-सा तात्विक विभेद सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) और बाल-केंद्रित कक्षा (Child-Centric Classroom) के संदर्भो में, जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'करके सीखना' (Learning by Doing) और 'विद्यालय समाज का लघु रूप है' (School is a miniature society) के तात्विक सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस शैक्षिक उपागम की वास्तविक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के दार्शनिक और विधिक ढांचे का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए भयमुक्त, तनावमुक्त और बाल-केंद्रित वातावरण प्रदान करता है, रटकर सीखने (Rote Learning) की पद्धति का पूर्णतः त्याग करता है, तथा 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) को अपनाते हुए ज्ञान के सक्रिय निर्माण (Construction of Knowledge) पर बल देता है, तो इन दोनों ऐतिहासिक दस्तावेजों के मूलभूत उद्देश्यों और बाल अधिकारों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) और बाल-केंद्रित शिक्षा के तात्विक, दार्शनिक तथा कक्षा-कक्षीय अनुप्रयोगों का गहन विश्लेषण करने पर, जॉन डेवी के 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत और 'अनुभवात्मक शिक्षा' (Experiential Education) के मॉडल के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक और शैक्षणिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के मूल दर्शन और जॉन ड्यूई के 'करके सीखने' (Learning by Doing) के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सी शिक्षण पद्धति इस शिक्षा प्रणाली की सबसे प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक विशेषता को दर्शाती है?
→
प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में जॉन डीवी द्वारा प्रतिपादित 'लर्निंग बाय डूइंग' (करके सीखना) और 'समस्या समाधान विधि' के दार्शनिक तथा मनोवैज्ञानिक आधारों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इस शिक्षा प्रणाली के उस मौलिक स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है जो पारंपरिक शिक्षक-केंद्रित शिक्षा से पूर्णतः भिन्न है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.