नैतिक एवं चारित्रिक विकास
Asked 2 months ago · Viewed 21 times
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत पूर्व-पारंपरिक स्तर (Pre-conventional Level) के पहले चरण यानी 'सजा और आज्ञाकारिता अभिविन्यास' (Punishment and Obedience Orientation) का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की तात्विक और मनोवैज्ञानिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पूर्व-पारंपरिक स्तर (जो लगभग 9 वर्ष की आयु तक होता है) का पहला चरण 'सजा और आज्ञाकारिता अभिविन्यास' (Punishment and Obedience Orientation) कहलाता है। इस अवस्था में बच्चे के लिए नैतिकता का सीधा अर्थ शक्ति और नियमों का पालन करना होता है ताकि शारीरिक दंड या नकारात्मक परिणामों से बचा जा सके। वे किसी कार्य के आंतरिक नैतिक मूल्य को नहीं समझते बल्कि बाहरी परिणामों (सजा या पुरस्कार) के आधार पर सही या गलत का निर्णय करते हैं। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
अगला प्रश्न →
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के…
← पिछला प्रश्न
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral…
Related Questions
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
कोहलबर्ग के अनुसार, सही और गलत के प्रश्न के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिंतन प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development) के विभिन्न स्तरों और चरणों के संदर्भ में, यदि कोई व्यक्ति यह मानता है कि नियमों और कानूनों का पालन केवल इसलिए किया जाना चाहिए ताकि समाज में व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार का सामाजिक विघटन न हो, तो कोहलबर्ग के किस स्तर और चरण का यह सबसे सटीक प्रतिनिधित्व करता है?
→
कोहलबर्ग के अनुसार, बच्चा किस अवस्था में दंड से बचने के लिए नियमों का पालन करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'पारंपरिक नैतिकता के स्तर' (Conventional Level) के दूसरे चरण—यानी 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Authority and Social Order Maintaining Orientation)—का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की तात्विक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत उत्तर-पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Post-Conventional Level) के अंतिम चरण—यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation, स्टेज 6)—का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की तात्विक, दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Moral Development Theory) के अंतर्गत पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Conventional Level) के दूसरे चरण—यानी 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Law and Order Orientation)—का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की तात्विक और मनोवैज्ञानिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता' (Post-conventional Morality) के अंतिम चरण—अर्थात 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिमुखीकरण' (Universal Ethical Principle Orientation)—का तात्विक और दार्शनिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई परिपक्व व्यक्ति कानून या सामाजिक नियमों के परे जाकर अपने अंतःकरण के सार्वभौमिक न्याय, मानवाधिकारों और व्यक्तिगत मानवीय गरिमा के स्व-चयनित नैतिक सिद्धांतों के आधार पर निर्णय लेता है, भले ही वे नियम न्यायसंगत न होने पर समाज के प्रचलित कानूनों के साथ सीधे संघर्ष में क्यों न आ जाएँ; तो कोहलबर्ग के इस सर्वोच्च विकासात्मक स्तर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.