बुद्धि: अवधारणा एवं सिद्धांत
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,449 times
बुद्धि के सिद्धांतों के अंतर्गत चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) तथा रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित 'तरल एवं ठोस बुद्धि सिद्धांत' (Fluid and Crystallized Intelligence Theory) का गहन तात्विक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, स्पीयरमैन के सामान्य कारक ('g' factor) और कैटल के 'तरल बुद्धि' (Fluid Intelligence - Gf) के अंतर्संबंधों तथा उनकी प्रकृति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
चार्ल्स स्पीयरमैन के द्विकारक सिद्धांत के अनुसार, सभी प्रकार की बौद्धिक गतिविधियों में एक सामान्य मानसिक ऊर्जा या 'g' कारक निहित होता है। वहीं, रेमंड कैटल ने बुद्धि को दो प्रमुख घटकों—तरल बुद्धि (Gf) जो कि जैविक और जन्मजात होती है तथा ठोस बुद्धि (Gc) जो सांस्कृतिक अनुभवों और अधिगम पर आधारित होती है—में विभाजित किया। अनुसंधान दर्शाते हैं कि स्पीयरमैन का 'g' कारक और कैटल की 'तरल बुद्धि' अत्यधिक निकटता से जुड़े हुए हैं क्योंकि दोनों ही नई परिस्थितियों में अनुकूलन और तर्क करने की क्षमता को दर्शाते हैं। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
अगला प्रश्न →
मनोविज्ञान में बुद्धि के त्रिआयामी मॉडल (Structure of Intellect Model) के…
← पिछला प्रश्न
स्टर्नबर्ग के 'त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic…
Related Questions
→
बुद्धि (Intelligence) के विभिन्न सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करते समय, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) और चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के वैचारिक ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य के तात्विक और मौलिक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
→
चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि या जी-कारक' (General Intelligence - 'g' factor) की अवधारणा—जिसके तहत यह माना जाता है कि 'g' कारक एक सार्वभौमिक, जन्मजात और अपरिवर्तनीय मानसिक ऊर्जा है जो व्यक्ति के जीवन के सभी प्रकार के बौद्धिक कार्यों, तार्किक समस्याओं और संज्ञानात्मक प्रदर्शनों में समान रूप से निहित होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की जन्मजात बौद्धिक क्षमता के मूल्यांकन, विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) और अकादमिक संप्राप्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बुद्धि के विभिन्न सिद्धांतों—जैसे स्पीयरमैन का 'द्वि-कारक सिद्धांत', थर्स्टन का 'समूह कारक सिद्धांत', और गिलफोर्ड का 'त्रिविमीय बुद्धि मॉडल' (SI Model)—का तुलनात्मक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन सिद्धांतों के संरचनात्मक स्वरूप और बौद्धिक क्षमताओं के संगठन के मध्य पाए जाने वाले सबसे मौलिक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
बुद्धि (Intelligence) के बहुआयामी और पदानुक्रमित मॉडलों के ऐतिहासिक विकास के संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन के 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) और फिलिप वर्नन (Philip Vernon) के 'पदानुक्रमित बुद्धि सिद्धांत' (Hierarchical Theory of Intelligence) का गहन विश्लेषण करने पर, वर्नन के मॉडल की सबसे प्रमुख और तात्विक विशेषता निम्नलिखित में से किसे दर्शाती है?
→
बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रणेता जे.पी. गिलफोर्ड द्वारा बौद्धिक क्षमताओं को संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तु (Contents) और उत्पादों (Products) के रूप में वर्गीकृत किया गया था। इस मॉडल के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन इन तीनों आयामों के अंतर्गत आने वाले उनके उप-घटकों का सही प्रतिनिधित्व करता है?
→
चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सामान्य कारक या जी-फैक्टर' (General Factor - g-factor)—जिसे उस सार्वभौमिक, जन्मजात और अपरिवर्तनीय मानसिक ऊर्जा के रूप में परिभाषित किया जाता है जो व्यक्ति के सभी प्रकार के बौद्धिक कार्यों, तार्किक समस्याओं और संज्ञानात्मक गतिविधियों में समान रूप से निहित होती है और विभिन्न मानसिक योग्यताओं के बीच धनात्मक सहसंबंध (Positive Correlation) का मुख्य आधार बनती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, शैक्षणिक प्रदर्शन और मानसिक ऊर्जा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) तथा हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के तात्विक, पदानुक्रमित संरचना और मनोवैज्ञानिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, इन दोनों सिद्धांतों के मध्य पाए जाने वाले मूलभूत अंतरों और मान्यताओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
बुद्धि की संरचना और उसके पदानुक्रमित तथा त्रि-आयामी मॉडलों—विशेष रूप से चार्ल्स स्पीयरमैन के द्व-कारक सिद्धांत (Two-Factor Theory), लुईस थर्स्टर्न के प्राथमिक मानसिक योग्यताओं के सिद्धांत, तथा जे.पी. गिलफोर्ड के 'बुद्धि की संरचना' (Structure of Intellect - SI) मॉडल—का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई मनोवैज्ञानिक यह स्थापित करना चाहता है कि मानवीय बौद्धिक क्षमताएँ न केवल एक सामान्य मानसिक ऊर्जा (g-factor) और विशिष्ट क्षमताओं (s-factor) तक सीमित हैं, बल्कि वे संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तुओं (Contents) और उत्पादों (Products) के 150 (या 180) स्वतंत्र उप-घटकों के त्रि-आयामी मैट्रिक्स के रूप में व्यवस्थित हैं, तो गिलफोर्ड के इस बहुआयामी और वर्गीकरणवादी मॉडल के तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.