क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 2 months ago · Viewed 22 times
अधिगम मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक एवं तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, इन तीनों अधिगम सिद्धांतों की अंतर्निहित क्रियाप्रणाली और उनके उद्दीपक-अनुक्रिया संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) में स्वाभाविक उद्दीपक और अस्वाभाविक उद्दीपक के मध्य साहचर्य स्थापित होता है जो S-R (Stimulus-Response) प्रतिमान पर आधारित है। एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत में भी S-R आबंध (Bond) का निर्माण होता है जहाँ 'प्रभाव का नियम' मुख्य भूमिका निभाता है। इसके विपरीत, बी.एफ. स्किनर (B. F. Skinner) का क्रियाप्रसूत अनुबंधन या नैमित्तिक अनुबंधन (Operant Conditioning) R-S (Response-Stimulus) प्रतिमान पर आधारित है, जहाँ जीव वातावरण में सक्रिय रहकर अनुक्रिया करता है और उस अनुक्रिया के परिणाम या पुनर्बलन (Reinforcement) के आधार पर अधिगम होता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of…
← पिछला प्रश्न
अधिगम (Learning) के मनोविज्ञान के अंतर्गत, जब हम एडवर्ड…
Related Questions
→
अधिगम के मनोविज्ञान में एडवर्ड थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सैद्धांतिक और तुलनात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी पूर्व निर्धारित यांत्रिक उद्दीपक (Stimulus) के बिना अपनी स्वैच्छिक क्रियाओं द्वारा वातावरण पर प्रभाव डालता है और मिलने वाले परिणामों या सकारात्मक पुनर्बलन के आधार पर उसकी अनुक्रिया की प्रायिकता में वृद्धि होती है, तो यह अधिगम की कौन-सी मूल कार्यप्रणाली को प्रदर्शित करता है और यह पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन से किस प्रकार तात्विक रूप से भिन्न है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान में एडवर्ड थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक एवं तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी पूर्व निर्धारित उद्दीपक के बिना अपनी स्वैच्छिक क्रियाओं द्वारा वातावरण पर प्रभाव डालता है और मिलने वाले परिणामों (पुनर्बलन) के आधार पर उसकी अनुक्रिया की प्रायिकता बढ़ती है, तो यह किस अधिगम सिद्धांत की मूल कार्यप्रणाली को प्रदर्शित करता है और इसके अंतर्गत 'एस-आर' (S-R) थ्योरी से यह किस प्रकार भिन्न है?
→
अधिगम (Learning) के सिद्धांतों के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) का तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी यांत्रिक उद्दीपक की प्रतीक्षा किए बिना अपनी स्वतंत्र या स्वैच्छिक अनुक्रियाओं (Voluntary Responses) द्वारा वातावरण पर प्रभाव डालता है और अपनी क्रिया के संतोषजनक परिणामों या 'पुनर्बलन' (Reinforcement) के माध्यम से व्यवहार को दोहराने की प्रवृत्ति को सुदृढ़ करता है, तो यह अधिगम की किस मौलिक कार्यप्रणाली को रेखांकित करता है और थार्नडाइक तथा पावलव के सिद्धांतों से किस प्रकार तात्विक रूप से भिन्न है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) की तात्विक, तुलनात्मक और प्रयोगात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक जीव किसी उद्दीपक के प्रति पहले से मौजूद किसी स्वाभाविक अनुक्रिया को किसी कृत्रिम उद्दीपक के साथ जोड़ना सीखता है, जबकि दूसरे परिदृश्य में जीव स्वयं अपनी इच्छा से कोई क्रिया (सक्रिय व्यवहार) करके वातावरण को प्रभावित करता है और उसके परिणाम स्वरूप मिलने वाले 'प्रबलन' (Reinforcement) से उसके व्यवहार की आवृत्ति बढ़ती या घटती है, तो इन दोनों अधिगम स्वरूपों (पावलव का अनुबंधन और स्किनर का अनुबंधन) के मध्य तात्विक और क्रियात्मक अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
बुरुस फ्रेडरिक स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियापूत या नैमित्तिक अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'नकारात्मक सुदृढ़ीकरण' (Negative Reinforcement)**—जिसे उस प्रेरक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से किसी अवांछित, कष्टदायक या प्रतिकूल उद्दीपक (Aversive Stimulus) को हटाकर या उसकी उपस्थिति से मुक्ति दिलाकर किसी वांछित अनुक्रिया (Desirable Response) की आवृत्ति, संभावना या शक्ति को बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुकूली व्यवहार, तनाव मुक्ति और सकारात्मक आदतों के निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'शेपिंग या आकृतीकरण' (Shaping)**—जिसे उस क्रमिक सन्निकटन (Successive Approximation) की तकनीक के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से किसी जटिल या नए वांछित व्यवहार को सीधे एक बार में उत्पन्न करने के बजाय, उस अंतिम लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले छोटे-छोटे प्रारंभिक और क्रमिक कदमों या व्यवहारों को लगातार प्रबलित (Reinforce) करके धीरे-धीरे ढाला जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नए कौशलों के अर्जन, जटिल व्यवहार-परिवर्तन और सकारात्मक सुदृढ़ीकरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'समानुपात एवं प्रभाव के नियम' (Law of Effect), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक एवं तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, इन तीनों सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
अधिगम के पारंपरिक एवं आधुनिक सिद्धांतों के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) का गहन तात्विक एवं तुलनात्मक विश्लेषण करने पर, इन दोनों सिद्धांतों की बुनियादी मान्यताओं और उनके कार्यात्मक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.