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Child Development
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, जब विशिष्ट अधिगम अक्षमता (Specific Learning Disability) जैसे 'डिसलेक्सिया' (Dyslexia) और 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) से ग्रस्त विद्यार्थियों को मुख्यधारा की कक्षा में शिक्षा प्रदान की जाती है, तब शिक्षक द्वारा 'बहुसंवेदी अधिगम उपागम' (Multisensory Learning Approach) तथा 'पाठ्यक्रम अनुकूलन' (Curriculum Adaptation) का उपयोग करने के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा के अंतर्गत विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (जैसे डिसलेक्सिया, डिसकैल्कुलिया आदि) से पीड़ित विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 'बहुसंवेदी अधिगम उपागम' अत्यधिक प्रभावी माना जाता है। यह विधि एक साथ कई संवेदी अंगों (जैसे देखना, सुनना, छूना और कार्य करना) का उपयोग करती है, जिससे मस्तिष्क में सूचनाओं का प्रसंस्करण अधिक सुदृढ़ होता है। इस विषय में विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के न्यूरोलॉजिकल और संज्ञानात्मक स्वरूप का विश्लेषण करते समय, 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia), 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिस्प्रेक्सिया' (Dyspraxia) जैसी विभिन्न अक्षमताओं के अंतर्संबंधों तथा उनके तात्विक लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक वैज्ञानिक और प्रामाणिक है?
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शिक्षण में 'सूक्ष्म शिक्षण' (Micro Teaching) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
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अधिगम (Learning) के सैद्धांतिक परिप्रेक्ष्य में थार्नडाइक के 'तत्परता के नियम' (Law of Readiness), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तात्विक और तुलनात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी यांत्रिक उद्दीपक की अनुपस्थिति में भी स्वैच्छिक अनुक्रियाओं द्वारा पर्यावरण पर प्रभाव डालता है और अपनी क्रिया के संतोषजनक परिणामों अथवा 'पुनर्बलन' के माध्यम से व्यवहार को पुनरावृत्ति हेतु सुदृढ़ करता है, तो अधिगम की यह प्रक्रिया निम्नलिखित में से किस मनोवैज्ञानिक सिद्धांत के साथ सर्वाधिक सटीकता से संरेखित होती है?
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अधिगम के मनोविज्ञान में अधिगम के वक्र (Learning Curves), पठार (Plateau) और अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning) के सैद्धांतिक एवं तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल कौशल को सीखते समय प्रारंभिक अवस्था में तीव्र गति से प्रगति करता है, किंतु मध्यवर्ती चरण में निरंतर अभ्यास के बावजूद उसकी निष्पत्ति या प्रदर्शन में कोई सुधार नहीं होता और वक्र एक क्षैतिज रेखा के रूप में बदल जाता है (जिसे अधिगम का पठार कहा जाता है), तथा इसके पश्चात वह पूर्व-अधिगम के सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव से नए क्षेत्र में कौशल अंतरित करता है; तो इस समग्र प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत मौखिक और लिखित भाषा के उत्पादन, वाक्य-विन्यास (Syntax), विचारों को क्रमिक रूप से व्यक्त करने में असमर्थता तथा हस्तलेखन से जुड़े यांत्रिक और गत्यात्मक विकारों के अतिरिक्त, यदि कोई शिक्षार्थी विशेष रूप से शब्दों की वर्तनी (Spelling) में बार-बार अशुद्धियाँ करता है, वाक्यों में शब्दों का क्रम उलट देता है और लेखन प्रक्रिया के दौरान अत्यधिक मानसिक थकान व निराशा का अनुभव करता है, तो इस न्यूरोलॉजिकल विकार को किस विशिष्ट श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत किया जाएगा और इसके प्रभावी उपचारात्मक उपागम के रूप में निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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