अब्राहम मैस्लो के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) में 'कमी की आवश्यकताएँ' (Deficiency Needs या D-Needs) और 'विकास की आवश्यकताएँ' (Growth Needs या B-Needs) के तात्विक स्वरूप का विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों श्रेणियों के मध्य के मूलभूत मनोवैज्ञानिक अंतर को सर्वाधिक स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है?
Detailed Explanation
अब्राहम मैस्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत के अनुसार, पदानुक्रम के शुरुआती चार स्तर (दैहिक आवश्यकताएँ, सुरक्षा आवश्यकताएँ, अपनेपन और प्रेम की आवश्यकताएँ, तथा सम्मान की आवश्यकताएँ) 'कमी की आवश्यकताएँ' या D-Needs (Deficiency Needs) कहलाती हैं। ये आवश्यकताएँ किसी विशिष्ट कमी या अभाव के कारण उत्पन्न होती हैं और जब इनकी पूर्ति हो जाती है, तो इनसे संबंधित तनाव या प्रेरणा समाप्त हो जाती है। इसके विपरीत, पाँचवें स्तर पर स्थित 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) और उससे जुड़ी संज्ञानात्मक व सौंदर्य संबंधी आवश्यकताएँ 'विकास की आवश्यकताएँ' या B-Needs (Growth Needs) कहलाती हैं। ये किसी कमी से प्रेरित नहीं होतीं, बल्कि व्यक्ति की आंतरिक क्षमताओं, व्यक्तिगत विकास और आत्म-वास्तविककरण की इच्छा से उत्पन्न होती हैं और इनकी पूर्ति होने पर व्यक्ति का तनाव कम होने के बजाय प्रेरणा का दायरा और अधिक विस्तृत होता है। इस विषय में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।