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Child Development
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अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) और बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक एवं तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के मध्य के तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से परिभाषित करता है?

Detailed Explanation

थार्नडाइक के प्रभाव के नियम के अनुसार संतोषजनक परिणाम व्यवहार को दोहराने की संभावना को बढ़ाते हैं, जो आगे चलकर बी.एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) का आधार बना, जहाँ पुनर्बलन (Reinforcement) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके विपरीत, इवान पावलव का शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) उद्दीपक-उद्दीपक (S-S) सहचर्य और अनैच्छिक/स्वाभाविक अनुक्रियाओं (जैसे लार आना) पर केंद्रित है। विकिपीडिया संदर्भ
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→ बुद्धि (Intelligence) के संप्रदाय और उसके ऐतिहासिक मापन के संदर्भ में, अल्फ्रेड बिने (Alfred Binet) द्वारा 1905 में विकसित पहले औपचारिक बुद्धि परीक्षण, विलियम स्टर्न (William Stern) द्वारा 1912 में प्रतिपादित 'बुद्धि लब्धि' (IQ) की संकल्पना, तथा लुई टरमन (Lewis Terman) द्वारा 1916 में स्टैनफोर्ड-बिने परीक्षण में किए गए संशोधन का गहन विश्लेषण करने पर, यदि किसी 8 वर्ष और 6 महीने (102 महीने) की कालानुक्रमिक आयु (Chronological Age) वाले बालक की मानसिक आयु (Mental Age) स्टैनफोर्ड-बिने परीक्षण के अनुसार 10 वर्ष और 2 महीने (122 महीने) आंकी जाती है, तो टरमन के संशोधित सूत्र के अनुसार उसकी सटीक बुद्धि लब्धि (IQ) क्या होगी और इस मान का मनोवैज्ञानिक वर्गीकरण किस श्रेणी के अंतर्गत आएगा? → व्यक्तित्व (Personality) के शील गुण (Trait) और प्रकार (Type) सिद्धांतों का तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि कोई मनोवैज्ञानिक यह प्रतिपादित करता है कि व्यक्तित्व शारीरिक और दैहिक संरचनाओं (जैसे शारीरिकी या सोमैटोटाइप) द्वारा निर्धारित होता है (उदाहरणार्थ- क्रेश्‍स्मर और शेल्डन का वर्गीकरण), जबकि दूसरे दृष्टिकोण के अनुसार व्यक्तित्व कुछ अंतर्निहित, सार्वभौमिक और द्विध्रुवी शील गुणों के पदानुक्रमित संयोजन से बनता है (जैसे हंस आइजेंक का त्रि-आयामी मॉडल), तो व्यक्तित्व के इन निर्धारकों और सैद्धांतिक प्रतिमानों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? → थार्नडाइक (Edward Thorndike) के अधिगम के नियमों में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) सीखने की प्रक्रिया में पुरस्कार और दंड की भूमिका को स्पष्ट करता है। इस नियम के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक तार्किक और मनोवैज्ञानिक रूप से सटीक है? → शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) और 'संकल्पात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) की कार्यप्रणाली के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन उनके मुख्य उद्देश्यों, समय और उपयोगिता को सर्वाधिक सटीक रूप से विश्लेषित करता है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की एक प्रमुख विशेषता 'जीववाद' (Animism) है। इस मनोवैज्ञानिक अवधारणा का सर्वाधिक सटीक और तात्विक अर्थ निम्नलिखित में से कौन-सा है?
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