मास्लो, रोजर्स एवं मानवतावाद
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कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी शिक्षण सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'नुक्ताचीनी रहित सकारात्मक आदर' (Unconditional Positive Regard)—जिसे उस संवेदनशील मनोवैज्ञानिक वातावरण के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षक शिक्षार्थी को बिना किसी पूर्वग्रही शर्त, मूल्यांकन, या योग्यता के कसौटी पर कसे, एक संपूर्ण और मूल्यवान मानव के रूप में पूरी तरह स्वीकार करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-स्वीकार (Self-Acceptance), मनोवैज्ञानिक सुरक्षा और आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
कार्ल रोजर्स के मानवतावादी उपागम (Humanistic Approach) में 'नुक्ताचीनी रहित सकारात्मक आदर' (Unconditional Positive Regard) का तात्पर्य शिक्षार्थी को बिना किसी शर्त के स्वीकार करना है। जब छात्र यह महसूस करता है कि शिक्षक और कक्षा का वातावरण उसे बिना किसी आलोचना के स्वीकार करता है, तो उसकी रक्षात्मकता कम हो जाती है, वह खुद को सुरक्षित महसूस करता है, और अपनी पूरी क्षमता (Self-actualization) के साथ सीखने के लिए आंतरिक रूप से प्रेरित होता है। विकल्प (b) इस मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय के कक्षा-कक्षीय निहितार्थों को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है।
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कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अनुभवात्मक या छात्र-केंद्रित अधिगम' (Experiential / Student-Centered Learning)—जिसे उस तार्किक और मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत अधिगम तब सबसे अधिक सार्थक और प्रभावी होता है जब विद्यार्थी स्वयं अपनी इच्छा से, अपनी जिज्ञासा के आधार पर और अपने प्रत्यक्ष अनुभवों से सीखते हैं, और शिक्षक केवल एक 'सुविधाप्रदाता' (Facilitator) की भूमिका निभाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की स्वायत्तता, आत्म-मूल्यांकन और आंतरिक अभिप्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धाराओं के अंतर्संबंधों का सूक्ष्म शैक्षणिक एवं विधिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा प्रावधान NCF 2005 के इस मूल विचार—'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ना'—को RTE Act 2009 की किस विधिक धारा या बाध्यता के साथ सर्वाधिक प्रत्यक्ष रूप से संरेखित करता है?
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