संज्ञानात्मक विकास
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डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'मूर्त अनुभव से सक्रिय प्रयोग तक की प्रक्रिया' (Process from Concrete Experience to Active Experimentation)—जिसे उस समग्र चार-चरणीय संज्ञानात्मक अधिगम चक्र के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी पहले प्रत्यक्ष व मूर्त अनुभव (Concrete Experience) प्राप्त करता है, फिर उसका अवलोकन और चिंतन (Reflective Observation) करता है, तत्पश्चात अमूर्त अवधारणाओं और सामान्यीकरणों का निर्माण करता है (Abstract Conceptualization), और अंत में नए ज्ञान का परीक्षण करने के लिए सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक बोध, चक्रीय अधिगम और व्यावहारिक अनुप्रयोग के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड कोल्ब का 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) यह रेखांकित करता है कि सीखना केवल सैद्धांतिक जानकारी प्राप्त करना नहीं है, बल्कि यह एक चक्रीय प्रक्रिया है जो मूर्त अनुभव (Concrete Experience), चिंतनशील अवलोकन (Reflective Observation), अमूर्त संकल्पना (Abstract Conceptualization) और सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) से होकर गुजरती है। विकल्प 'b' इस सिद्धांत के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ का सबसे सटीक वर्णन करता है।
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रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—जिसे उस सर्वोच्च बौद्धिक स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों का उपयोग करते हुए किसी नवीन, जटिल और अनसुलझी परिस्थिति का तार्किक विश्लेषण करके एक नया समाधान या आंतरिक नियम खोज निकालता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कौशल, विश्लेषणात्मक चिंतन और सृजनात्मकता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'संरक्षण का सिद्धांत' (Conservation)—जिसे उस तार्किक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह समझने में सक्षम हो जाता है कि किसी वस्तु के भौतिक स्वरूप, आकार, रूप-रंग या दिखावट में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान, आयतन, लंबाई या संख्या अपरिवर्तित (समान) रहती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, संक्रियात्मक बौद्धिक विकास (Operational Thinking) और गणितीय-वैज्ञानिक अवधारणाओं की समझ के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मूक और बधिक विद्यार्थियों (Hearing-Impaired Learners) के शिक्षण हेतु भाषा अधिग्रहण और संज्ञानात्मक विकास के क्षेत्र में प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण संप्रत्यय—'द्विभाषी-द्वि-सांस्कृतिक उपागम' (Bilingual-Bicultural Approach / Bi-Bi Approach)—जिसे उस शैक्षिक पद्धति के रूप में परिभाषित किया जाता है जो सांकेतिक भाषा (Sign Language, जैसे- ISL) को बधिक बच्चों की प्रथम या प्राथमिक भाषा (L1) के रूप में मान्यता देती है और स्थानीय/लिखित मौखिक भाषा (जैसे- हिंदी या अंग्रेजी) को द्वितीय भाषा (L2) के रूप में विकसित करती है, साथ ही बधिर संस्कृति (Deaf Culture) के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और गौरव का पोषण करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में ऐसे विद्यार्थियों के भाषाई समावेशन, अमूर्त चिंतन और सामाजिक-सांस्कृतिक तादात्म्य के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) से 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में संक्रमण के दौरान बालकों के चिंतन में आने वाले गुणात्मक परिवर्तनों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा तात्विक कथन 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) के अंतर्संबंध को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रण या डीसेंट्रेशन' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही पहलू, आयाम या विशेषता पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण/Centration) के बजाय उसके एकाधिक पहलुओं या आयामों को एक साथ देखने, समझने और मानसिक रूप से समन्वित करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहुआयामी दृष्टिकोण, तार्किक संरक्षण (Conservation) और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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ब्रूनेर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के तीन चरणों - क्रियात्मक अवस्था (Enactive Stage), प्रतिबिम्बात्मक अवस्था (Iconic Stage), और सांकेतिक अवस्था (Symbolic Stage) - तथा उनके शिक्षण शास्त्रीय निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक है?
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