संज्ञानात्मक विकास
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,930 times
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'स्पाइरल करिकुलम या चक्रीय पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षणिक दृष्टिकोण के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी जटिल विषय या मूल संप्रत्यय को बालक के विकास के विभिन्न चरणों में बार-बार, बढ़ती हुई जटिलता और अमूर्तता के स्तर के साथ प्रस्तुत किया जाता है ताकि प्रत्येक पुनरावृत्ति पर शिक्षार्थी अपने पूर्व ज्ञान को नए अनुभवों के साथ जोड़कर अधिक गहराई से आत्मसात कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के दीर्घकालिक ज्ञान संचयन, संज्ञानात्मक संरचना और वैचारिक पुनर्निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से जेरोम ब्रूनर का 'चक्रीय पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) एक अति महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक संप्रत्यय है। ब्रूनर के अनुसार, किसी भी विषय को किसी भी विकासात्मक अवस्था में बौद्धिक रूप से सही ढंग से सिखाया जा सकता है, बशर्ते उसे उचित रूप में प्रस्तुत किया जाए। 'स्पाइरल करिकुलम' इस विचार पर आधारित है कि बुनियादी अवधारणाओं को सरल रूपों में बच्चों के सामने शुरुआती चरणों में रखा जाता है और फिर जैसे-जैसे वे बड़े और परिपक्व होते हैं, उन्हीं अवधारणाओं को अधिक जटिल, विस्तृत और अमूर्त रूपों में बार-बार प्रस्तुत किया जाता है। इससे शिक्षार्थी के संज्ञानात्मक ढांचे (Cognitive Structure) का क्रमिक और मजबूत विकास होता है, और वे पूर्व ज्ञान के आधार पर नए ज्ञान का निर्माण (Constructivism) आसानी से कर पाते हैं। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
अगला प्रश्न →
मूरिस टॉलमैन (Edward C. Tolman) के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning…
← पिछला प्रश्न
रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के पदानुक्रम…
Related Questions
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अधिलागु या स्पाइरल करिकुलम (Spiral Curriculum)'—जिसे उस शैक्षिक पाठ्यक्रम संरचना के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें किसी भी जटिल या उन्नत विषय वस्तु को बालक के विकास के विभिन्न चरणों में सरल से जटिल (Enactive से Symbolic) रूपों में बार-बार और अधिक गहराई के साथ पुनरावृत्त किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्वज्ञान के सुदृढ़ीकरण, संरचनात्मक अधिगम (Constructivist Learning) और संकल्पनात्मक स्थानांतरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संरचनात्मक अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning / Constructivist Theory of Instruction) के अंतर्गत प्रतिपादित प्रतिनिधित्व के तीन रूपों—(1) सक्रियता आधारित प्रतिनिधित्व (Enactive Representation), (2) दृश्य/प्रतिबिम्बात्मक प्रतिनिधित्व (Iconic Representation), और (3) सांकेतिक/प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व (Symbolic Representation)—के साथ-साथ 'स्पाइरल करिकुलम' (Spiral Curriculum) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की अमूर्त संकल्पनाओं के बोध, पूर्व ज्ञान के क्रमिक विस्तार, और समस्या-समाधान क्षमताओं के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'स्पाइरल करिकुलम या चक्रीय पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) की अवधारणा—जिसके तहत किसी भी कठिन या जटिल विषय वस्तु को बच्चों के विकासात्मक स्तर के अनुसार शुरुआत में सरल, सहज और संवेदी-क्रियात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाता है, और जैसे-जैसे शिक्षार्थी की आयु, परिपक्वता और संज्ञानात्मक स्तर बढ़ता है, उसी विषय को अधिक गहराई, अमूर्तता और तार्किक जटिलता के साथ बार-बार उच्च स्तर पर पुनरावृत्त किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा विकास, ज्ञान के संचयी पुनर्गठन और संज्ञानात्मक अनुक्रमण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांतों' के संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत वर्णित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की संकल्पनाओं के न्यूरो-संज्ञानात्मक और सामाजिक मध्यस्थता (Social Mediation) स्वरूप, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'रचनावादी अधिगम सिद्धांत' (Constructivist Learning Theory) और 'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और विद्यार्थियों में स्वेच्छा-संचालित संज्ञान (Self-Regulated Cognition) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'संरक्षण या कंजर्वेशन' (Conservation)—जिसे उस मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह समझने लगता है कि किसी वस्तु के रूप, आकार या दिखावट में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान, आयतन या संख्या अपरिवर्तित रहती है (उदाहरण के लिए, एक लंबे और पतले गिलास से पानी को चौड़े बर्तन में डालने पर पानी की मात्रा समान रहना)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, विकेंद्रीकरण (Decentration) और मूर्त संक्रियात्मक क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अग्रिम संगठन या एडवांस ऑर्गेनाइज़र' (Advance Organizer)—जिसे उस प्रारंभिक शैक्षणिक सामग्री या वैचारिक ढांचे के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे मुख्य और नए शिक्षण विषय को प्रस्तुत करने से ठीक पहले शिक्षार्थियों के सामने उच्च स्तर की सामान्यता और अमूर्तता के साथ रखा जाता है, ताकि यह उनके संज्ञानात्मक ढांचे में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों (Inclusive Concepts) के साथ नए ज्ञान को जोड़ने के लिए एक वैचारिक 'एंकर' (Anchor) का कार्य कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान के सक्रियीकरण (Activation of Prior Knowledge), सार्थक अर्थपूर्ण अधिगम (Meaningful Learning) और संज्ञानात्मक संरचना (Cognitive Structure) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights)—जिसे उस उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-Conventional Level) की पाँचवीं अवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह समझने लगता है कि कानून और नियम पूर्ण या कठोर नहीं हैं, बल्कि वे समाज के आपसी समझौते का परिणाम हैं, और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के कल्याण के विरुद्ध हो, तो उसे लोकतांत्रिक और तार्किक तरीकों से बदला जा सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के नैतिक तार्किकता (Moral Reasoning), लोकतांत्रिक मूल्यों और न्यायोचित चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'संरक्षण या कंजर्वेशन' (Conservation)—जिसे उस तार्किक मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह समझने में सक्षम हो जाता है कि किसी वस्तु के भौतिक रूप, रंग या आकार में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, आयतन, द्रव्यमान या भार में कोई परिवर्तन नहीं होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मूर्त संक्रियात्मक चिंतन (Concrete Operational Thinking), मानसिक विकेंद्रीकरण (Decentration) और तार्किक योग्यता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.