त्वरित लिंक्स
Child Development
16 views
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की प्रमुख विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का गहन विश्लेषण करने पर, जब कोई किशोर किसी वैज्ञानिक या तार्किक समस्या के समाधान के लिए पहले सभी संभावित संभावनाओं या परिकल्पनाओं की मानसिक रूप से सूची बनाता है और फिर व्यवस्थित रूप से प्रयोगों द्वारा उनकी जाँच करता है, तो पियाजे के अनुसार यह संज्ञानात्मक गतिकी निम्नलिखित में से किस मुख्य तात्विक विशेषता को दर्शाती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) संज्ञानात्मक विकास का सर्वोच्च चरण है। इस अवस्था की सबसे बड़ी विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' है। इसमें किशोर केवल वर्तमान या प्रत्यक्ष रूप से मौजूद वस्तुओं पर ही विचार नहीं करते, बल्कि वे किसी समस्या के समाधान के लिए सभी संभावित तार्किक विकल्पों की कल्पना कर सकते हैं, परिकल्पनाएँ (Hypotheses) गढ़ सकते हैं और व्यवस्थित ढंग से उनकी सत्यता की जाँच कर सकते हैं। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
बुद्धि के सिद्धांतों और मापन के इतिहास के संदर्भ में, लुईस थरस्टेन (L.L. Thurstone) द्वारा प्रतिपादित 'समूह कारक सिद्धांत' (Group Factor Theory) के अंतर्गत प्राथमिक मानसिक योग्यताओं (Primary Mental Abilities) तथा चार्ल्स स्पीयरमैन के 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के बीच के तात्विक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन थरस्टेन के दृष्टिकोण की सर्वाधिक सटीक वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
→
शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में अध्यापकों द्वारा कक्षा-कक्ष की तात्कालिक समस्याओं के वैज्ञानिक, व्यावहारिक और चक्रीय समाधान के लिए उपयोग किए जाने वाले 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) की कार्यप्रणाली—जिसमें योजना (Plan), क्रियान्वयन (Act), प्रेक्षण (Observe), और परावर्तन (Reflect) के चरण सम्मिलित होते हैं—तथा विभिन्न 'शिक्षण विधियों' (जैसे खोज विधि और परियोजना विधि) के प्रायोगिक एकीकरण का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अनुसंधान और शिक्षण विधियों के परस्पर समन्वय के संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के मुख्य नियमों' (Primary Laws of Learning) के अंतर्गत 'अभ्यास का नियम' (Law of Use and Disuse) और 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) का तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इन नियमों की आंतरिक कार्यप्रणाली और उनके शैक्षिक निहितार्थों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के संदर्भ में, जब वोल्फगैंग कोहलर ने चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर बॉक्स और छड़ी के प्रयोग किए थे, तब इस अधिगम प्रक्रिया की कौन-सी विशेषता पारंपरिक थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory) से इसे स्पष्ट रूप से भिन्न और श्रेष्ठ बनाती है?
→
बुद्धि के मापन के इतिहास और बुद्धि लब्धि (IQ) की अवधारणा के संदर्भ में, लुई टरमन (Lewis Terman) द्वारा संशोधित स्टैनफोर्ड-बिनेट बुद्धि मापनी (Stanford-Binet Intelligence Scale) तथा विलियम स्टर्न (William Stern) द्वारा प्रतिपादित मूल मानसिक आयु (Mental Age) और वास्तविक आयु (Chronological Age) के अनुपात पर आधारित सूत्र का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस वैज्ञानिक तथ्य को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है कि आधुनिक बुद्धि परीक्षणों में 'विचलन बुद्धि लब्धि' (Deviation IQ) को पारंपरिक 'मानसिक आयु/वास्तविक आयु × 100' सूत्र की तुलना में क्यों प्राथमिकता दी जाती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.