गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम
Asked 2 महीने पहले · Viewed 2,756 times
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक वोल्फगांग कोहलर द्वारा चिम्पैंजी (सुल्तान) पर किए गए प्रयोगों और 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के वैचारिक ढांचे का गहन विश्लेषण करने पर, जब कोहलर ने बक्से का उपयोग करने और छड़ियों को आपस में जोड़कर केले तक पहुँचने की समस्या का अध्ययन किया, तो इस अधिगम प्रक्रिया में 'अचानक सूझ' (Sudden Insight) उत्पन्न होने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी संज्ञानात्मक पूर्व-शर्त सबसे अधिक निर्णायक मानी गई है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत के अनुसार, अधिगम कोई यांत्रिक प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह 'सूझ' (Insight) पर आधारित है, जिसमें प्राणी अपनी बुद्धि और संज्ञान का प्रयोग करके समस्या की पूरी परिस्थिति (Field) को एक साथ देखता है और उसके विभिन्न घटकों के बीच के तार्किक संबंधों को समझकर अचानक समाधान खोज निकालता है। इस सिद्धांत के प्रवर्तकों और इसके विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पर देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
मैक्स वर्टहाइमर, कोहलर और कोफ्का द्वारा प्रतिपादित 'गेस्टाल्टवादी अधिगम…
← पिछला प्रश्न
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दीमर, कर्ट कोफ्का और…
Related Questions
→
मैक्स वर्दइमर, कर्ट कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत' (Gestalt Learning Theory) के अंतर्गत 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) का गहन विश्लेषण करने पर, कोहलर द्वारा चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक वैज्ञानिक एवं तार्किक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
→
मैक्स वर्दइमर, कर्ट कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अनुसार, जब सुल्तान (चिम्पैंजी) नामक प्राणी ने बक्से का उपयोग करके या छड़ियों को आपस में जोड़कर केले तक पहुँचने की समस्या का समाधान अचानक एक ही झटके में खोज लिया, तो इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया और 'सूझ' (Insight) की प्रकृति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं मनोवैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
→
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों (विशेषकर वोल्फगांग कोहलर) द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के अंतर्गत, जब कोई अधिगमकर्ता किसी जटिल समस्या का समाधान अचानक बिना किसी क्रमिक प्रयत्न एवं भूल के खोज लेता है, तो इस पूरी संज्ञानात्मक प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी तात्विक विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अंतर्गत, जब कोहलर के प्रयोगों में चिम्पैंजी ने बाह्य उद्दीपकों और परिस्थितियों के प्रत्यक्ष अवलोकन के आधार पर समस्या के संपूर्ण क्षेत्र का तात्कालिक और एकीकृत मानसिक पुनर्गठन किया, तो इस पूरी संज्ञानात्मक प्रक्रिया में थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल' सिद्धांत की तुलना में 'सूझ' (Insight) की कौन-सी मौलिक विशेषता इसे एक उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक अधिगम बनाती है?
→
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक वोल्फगैंग कोहलर द्वारा चिम्पांजी 'सुल्तान' पर किए गए सूझ या अंतर्दृष्टि के अधिगम प्रयोग (Insight Learning) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत की सबसे मूलभूत तात्विक और संज्ञानात्मक विशेषता को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दीमर, कर्ट कोफ्का और वोल्फगांग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'गेस्टाल्ट मनोविज्ञान' (Gestalt Psychology) के मूल दर्शन तथा अधिगम के क्षेत्र में इसके अनुप्रयोग का गहन विश्लेषण करने पर, थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल' सिद्धांत से यह किस मौलिक बिंदु पर भिन्न है और इसका शैक्षणिक निहितार्थ क्या है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.