समावेशी शिक्षा
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,158 times
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किए गए शिक्षण (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों तथा विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के लिए अपनाई जाने वाली अनुकूलित पाठ्यचर्या (Adapted Curriculum) का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक कक्षा में गंभीर रूप से दृश्य बाधित (Visually Impaired) और हल्के बौद्धिक विकास संबंधी अक्षमता वाले छात्र एक साथ अध्ययन कर रहे हैं, तो यूडीएल (UDL) के बहु-आयामी प्रतिनिधित्व (Multiple Means of Representation), अभिव्यक्ति (Expression), और सहभागिता (Engagement) के ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा उपागम सर्वाधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी माना जाएगा?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा में सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किए गए शिक्षण (UDL) का मुख्य उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के सभी प्रकार के शिक्षार्थियों को समान अवसर प्रदान करना है। इसके तहत पाठ्यचर्या के उद्देश्यों को समान रखते हुए उसकी शिक्षण विधियों, सामग्रियों और मूल्यांकन के तरीकों में आवश्यक अनुकूलन (Accommodation) किया जाता है। स्पर्शनीय (Tactile) सामग्री और डिजिटल सहायक तकनीकों के प्रयोग से विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे मुख्यधारा की शिक्षा में सफलतापूर्वक भाग ले सकते हैं। इस विषय पर अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन…
← पिछला प्रश्न
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में…
Related Questions
→
'बुद्धि और उसका मापन (Intelligence and its Measurement)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिकी, अंतर्व्यक्तिगत, अंतravyaktigat और प्रकृतिवादी बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के विभिन्न корटिकल क्षेत्रों जैसे 'ब्रोका व वर्निक क्षेत्र', 'पैरिएटल लोब', 'ऑक्सीपिटल लोब', 'सेरिबैलम और मोटर कॉर्टेक्स', 'टेम्पोरल लोब', और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच विशिष्ट संज्ञानात्मक डोमेन मॉड्यूलरिटी, क्रॉस-कॉर्टिकल न्यूरल कनेक्टिविटी और स्वतंत्र प्रसंस्करण प्रणालियों की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रistarchic बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत भिन्नताओं के सम्मान, बहु-आयामी क्षमताओं के दोहन व समग्र संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन और विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों (Children with Special Needs - CWSN) के शिक्षण-अधिगम परिवेश के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—संलग्नता के बहुविध साधन (Multiple Means of Engagement), प्रतिनिधित्व के बहुविध साधन (Multiple Means of Representation), और अभिव्यक्ति के बहुविध साधन (Multiple Means of Action and Expression)—का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक अपनी कक्षा में विभिन्न प्रकार की अक्षमताओं (जैसे दृश्य, श्रवण, या बौद्धिक विशिष्टता) वाले विद्यार्थियों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पाठ्यक्रम, शिक्षण सामग्रियों और मूल्यांकन विधियों में लचीलापन लाता है, तो समावेशी शिक्षा के इस आधुनिक प्रतिमान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—बहुविध संलग्नता के साधन (Multiple Means of Engagement), बहुविध प्रतिनिधित्व के साधन (Multiple Means of Representation), और बहुविध अभिव्यक्ति के साधन (Multiple Means of Expression)—का सूक्ष्म विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, कक्षा कक्ष में विभिन्न योग्यताओं और विशिष्ट आवश्यकताओं वाले बच्चों के समावेशन के लिए UDL का कौन-सा दृष्टिकोण सबसे अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक माना जाता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, बौद्धिक और विकासात्मक रूप से भिन्न (Intellectually and Developmentally Diverse) बालकों के लिए 'विशिष्ट शिक्षण रणनीतियों' (Special Pedagogical Strategies) का चयन करते समय, 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'सार्वभौमिक डिजाइन अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के बीच के तात्विक और क्रियात्मक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक सटीक है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'विशिष्ट शिक्षा' (Special Education) और 'एकीकृत शिक्षा' (Mainstreaming) से इसके तात्विक और दार्शनिक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन समावेशी शिक्षा की मूल भावना और उसके आधुनिक शैक्षणिक स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) के लिए डिज़ाइन किए गए 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'सुलभता के सार्वभौमिक प्रारूप' (Universal Design for Learning - UDL) के तात्विक एवं व्यावहारिक पहलुओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों शिक्षण रणनीतियों के मुख्य उद्देश्य और उनकी कक्षागत क्रियान्वयन प्रक्रिया को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक डिज़ाइनर फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—संलग्नता के बहुविध साधन (Multiple Means of Engagement), प्रतिनिधित्व के बहुविध साधन (Multiple Means of Representation), और अभिव्यक्ति के बहुविध साधन (Multiple Means of Action and Expression) का गहन विश्लेषण करने पर, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा में विभिन्न प्रकार की विशिष्ट आवश्यकताओं वाले बच्चों (जैसे श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित, और स्वांसन स्पेक्ट्रम विकार से ग्रसित) को शामिल करने के लिए इन सिद्धांतों को लागू करता है, तो UDL का कौन-सा सिद्धांत 'विद्यार्थी को यह विकल्प देने पर जोर देता है कि वे अपने ज्ञान को कैसे प्रदर्शित और अभिव्यक्त कर सकते हैं'?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—अभिप्रेरणा के बहु-साधन (Multiple Means of Engagement), प्रतिनिधित्व के बहु-साधन (Multiple Means of Representation), और अभिव्यक्ति के बहु-साधन (Multiple Means of Action and Expression)—का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन UDL की तात्विक और कक्षागत प्रयोज्यता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.