गार्डनर: बहुबुद्धि
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स्टर्नबर्ग के बुद्धि के त्रितंत्र सिद्धांत (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत 'घटकीय या विश्लेषणात्मक बुद्धि' (Componential/Analytical Intelligence), 'अनुभवी या सृजनात्मक बुद्धि' (Experiential/Creative Intelligence), और 'संदर्भगत या व्यावहारिक बुद्धि' (Contextual/Practical Intelligence) के उप-सिद्धों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षार्थी किताबी ज्ञान में औसत प्रदर्शन करता है परंतु वास्तविक जीवन की जटिल परिस्थितियों, सामाजिक अंतःक्रियाओं और पर्यावरण के साथ अनुकूलन स्थापित करने में असाधारण व्यावहारिक कौशल और चातुर्य प्रदर्शित करता है, तो स्टर्नबर्ग के इस प्रारूप के अनुसार उस छात्र की यह विशेषता मुख्य रूप से किस उप-सिद्धांत और उसकी किस संज्ञानात्मक प्रक्रिया को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से दर्शाती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के त्रितंत्र सिद्धांत के अनुसार, संदर्भगत या व्यावहारिक बुद्धि (Contextual/Practical Intelligence) व्यक्ति की उस क्षमता को दर्शाती है जिसके द्वारा वह अपने दैनिक जीवन के परिवेश या पर्यावरण के साथ सफलतापूर्वक अनुकूलन (Adaptation), उसका चयन (Selection) और उसे आकार (Shaping) देता है। इस प्रकार के बुद्धि वाले व्यक्ति व्यावहारिक रूप से अत्यंत कुशल होते हैं और 'स्ट्रीट स्मार्ट' माने जाते हैं। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) तथा स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रितंत्रीय बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) का तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के बीच के मुख्य दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धिमत्ता' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक और भावनात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक अवस्थाओं, शक्तियों, कमजोरियों और जीवन के लक्ष्यों का सूक्ष्मता से निरीक्षण, बोध और नियंत्रण करने में पूर्ण रूप से सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-प्रबंधन, स्वायत्तता (Autonomy), चयनात्मक चिंतन और स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत प्राकृतिक दुनिया, वनस्पतियों, जीवों और पारिस्थितिक तंत्र के पैटर्न को पहचानने, वर्गीकृत करने और उनके साथ संवेदनशीलता से जुड़ने की क्षमता का अध्ययन किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक पर्यावरण-अधिगम, जैव-विविधता बोध, और क्षेत्र-आधारित अन्वेषण (Field-based Exploration) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक अवस्थाओं, शक्तियों और सीमाओं का गहन बोध और नियंत्रण रखने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-नियामक अधिगम (Self-regulated learning), आत्म-चिंतन और व्यक्तिगत विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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