जीन पियाजे
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा को समझ जाता है—अर्थात वह यह जान लेता है कि किसी वस्तु के आकार या बर्तन बदलने से उसकी मात्रा या आयतन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है—तो पियाजे के विकासात्मक चरणों के संदर्भ में यह कौन-सी संज्ञानात्मक विशेषता और किस विकासात्मक चरण से संबंधित है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का विकास 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage, लगभग 7 से 11 वर्ष की आयु) के दौरान होता है। इस अवस्था में बच्चा यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के रूप, रंग या पात्र बदलने से उसकी कुल मात्रा अपरिवर्तित रहती है (जैसे- चौड़े बर्तन से लंबे गिलास में पानी डालने पर मात्रा का समान रहना)। इस दौरान बच्चे में विकेंद्रीकरण (Decentration) और reversibility (उत्क्रमणीयता) जैसे तार्किक गुण विकसित होते हैं। विकिपीडिया संदर्भ
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) की गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, लगभग 2 वर्ष से 7 वर्ष की आयु तक की इस अवधि में बच्चों की सोच में पाई जाने वाली 'अहंप्रतिबद्धता' (Egocentrism), 'जीववाद' (Animism), और 'केंद्रीयकरण' (Centration) जैसी प्रमुख सीमाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की संज्ञानात्मक विशेषताओं को सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से स्पष्ट करता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के दौरान बच्चों में विकसित होने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) की तात्विक एवं वैज्ञानिक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की सबसे प्रमुख संज्ञानात्मक विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की प्रमुख विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का गहन विश्लेषण करने पर, जब कोई किशोर किसी वैज्ञानिक या तार्किक समस्या के समाधान के लिए पहले सभी संभावित संभावनाओं या परिकल्पनाओं की मानसिक रूप से सूची बनाता है और फिर व्यवस्थित रूप से प्रयोगों द्वारा उनकी जाँच करता है, तो पियाजे के अनुसार यह संज्ञानात्मक गतिकी निम्नलिखित में से किस मुख्य तात्विक विशेषता को दर्शाती है?
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