त्वरित लिंक्स
Child Development
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, लगभग 7 वर्ष से 11 वर्ष की आयु तक की इस अवधि में बच्चे के संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), 'संरक्षण' (Conservation) और 'क्रमबद्धता' (Seriation) जैसी मानसिक योग्यताओं के उभरने के साथ-साथ, निम्नलिखित में से कौन-सी एक ऐसी संज्ञानात्मक सीमा या क्षमता का अभाव इस अवस्था के बच्चों में स्पष्ट रूप से देखा जाता है, जो अगली 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' में ही प्राप्त होती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष) में बच्चा वस्तुओं पर आधारित ठोस और मूर्त समस्याओं पर तार्किक रूप से विचार कर सकता है तथा विकेंद्रीकरण, संरक्षण और प्रतिवर्तीता जैसे गुणों को सीख जाता है, परंतु वह अमूर्त विचारों, काल्पनिक परिस्थितियों और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तार्किकता का उपयोग करने में असमर्थ रहता है। इन उच्च-स्तरीय कौशलों का विकास औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से आगे) में ही संभव हो पाता है। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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