नैतिक एवं चारित्रिक विकास
Asked 2 months ago · Viewed 20 times
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development) के विभिन्न स्तरों और चरणों का गहन विश्लेषण करने पर, पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिन्यास' (Good Boy-Good Girl Orientation) और 'कानून एवं व्यवस्था अभिन्यास' (Law and Order Orientation) के बीच का तात्विक और संज्ञानात्मक अंतर निम्नलिखित में से किस मुख्य विशेषता को दर्शाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पारंपरिक नैतिकता का स्तर (Conventional Level) लगभग 10 से 13 वर्ष की आयु के बालकों में देखा जाता है। इस स्तर के तीसरे चरण यानी 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिन्यास' (Stage 3) में बालक दूसरों की नज़रों में अच्छा बनने, सामाजिक रूप से स्वीकृत होने और अंतर-वैयक्तिक संबंधों को बनाए रखने के लिए नैतिक निर्णय लेता है। इसके विपरीत, चौथे चरण यानी 'कानून एवं व्यवस्था अभिन्यास' (Stage 4) में व्यक्ति का दृष्टिकोण अधिक व्यापक हो जाता है जहाँ वह सामाजिक नियमों, प्राधिकरण (Authority) के सम्मान और कर्तव्य की भावना को समाज में व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनिवार्य मानता है। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development) के अंतर्गत…
← पिछला प्रश्न
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral…
Related Questions
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
कोहलबर्ग के अनुसार, सही और गलत के प्रश्न के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिंतन प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development) के विभिन्न स्तरों और चरणों के संदर्भ में, यदि कोई व्यक्ति यह मानता है कि नियमों और कानूनों का पालन केवल इसलिए किया जाना चाहिए ताकि समाज में व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार का सामाजिक विघटन न हो, तो कोहलबर्ग के किस स्तर और चरण का यह सबसे सटीक प्रतिनिधित्व करता है?
→
कोहलबर्ग के अनुसार, बच्चा किस अवस्था में दंड से बचने के लिए नियमों का पालन करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development) के विभिन्न स्तरों और चरणों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, पूर्व-पारंपरिक स्तर (Pre-conventional Level) के द्वितीय चरण यानी 'साधन-उद्देश्य और आदान-प्रदान अभिन्यास' (Instrumental Relativist Orientation / Tit-for-Tat) और पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के तृतीय चरण यानी 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिन्यास' (Good Boy-Good Girl Orientation) के बीच का संज्ञानात्मक और नैतिक अंतर निम्नलिखित में से किस मुख्य विशेषता को स्पष्ट रूप से इंगित करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development) में, उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-conventional Level) के अंतर्गत आने वाले 'सामाजिक अनुबंध अभिन्यास' (Social Contract Orientation) और 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) के बीच के दार्शनिक और संज्ञानात्मक अंतर का विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों चरणों के मध्य के सबसे सूक्ष्म और तात्विक भेद को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development) के अंतर्गत पारंपरिक स्तर (Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले दूसरे चरण—अर्थात 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिमुखीकरण' (Authority and Social Order Maintaining Orientation) या 'कानون एवं व्यवस्था' चरण—का गहन विश्लेषण करने पर, जब एक व्यक्ति यह मानता है कि समाज में शांति, व्यवस्था और स्थिरता बनाए रखने के लिए कानूनों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों; कोहलबर्ग के इस विकासात्मक प्रारूप के अनुसार इस अवस्था की कौन-सी सीमा या विशेषता इसे 'उत्तर-पारंपरिक स्तर' (Post-conventional Level) के सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों से अलग करती है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development) के अंतर्गत उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-conventional Morality) की पहली अवस्था—यानी 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार अभिमुखीकरण' (Social Contract and Individual Rights Orientation)—का गहन विश्लेषण करने पर, जब एक परिपक्व व्यक्ति यह मानता है कि समाज के कानून और नियम अपरिवर्तनीय और कठोर नहीं हैं, बल्कि वे लोगों के आपसी समझौते और भलाई के लिए बनाए गए हैं, और यदि कोई कानून बहुसंख्यक नागरिकों के बुनियादी अधिकारों या मानवीय न्याय के विरुद्ध हो, तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से बदला जाना चाहिए; कोहलबर्ग के इस विकासात्मक प्रारूप के अनुसार यह अवस्था व्यक्ति के संज्ञानात्मक और नैतिक परिपक्वता के किस दार्शनिक दृष्टिकोण को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से दर्शाती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.