क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
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थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के प्रमुख नियमों—विशेषकर 'अभ्यास का नियम' (Law of Use and Disuse) और 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—तथा स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के मध्य तात्विक और क्रियात्मक तुलना करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों की अधिगम प्रक्रिया में 'पुनर्बलन' (Reinforcement) और 'संतोष/असंतोष' की भूमिका का सर्वाधिक सटीक वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है?
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Detailed Explanation
थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' के अनुसार, जिस कार्य या अनुक्रिया से संतोषजनक परिणाम मिलते हैं, उसकी आवृत्ति बढ़ जाती है। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए बी.एफ. स्किनर ने विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) सिद्धांत प्रतिपादित किया, जिसमें पुनर्बलन (Reinforcement) को अधिगम की धुरी माना गया। थार्नडाइक का नियम स्किनर के सिद्धांत का वैचारिक आधार बना।
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थार्नडाइक के सीखने के मुख्य नियमों (Laws of Learning) में से 'प्रभाव का नियम'…
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थार्नडाइक के 'तत्परता के नियम' (Law of Readiness), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के अंतर्संबंधों और अधिगम प्रक्रिया में उनकी वास्तविक भूमिका को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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