अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की शारीरिक (Physiological) और सुरक्षा (Safety) से संबंधित आवश्यकताएं पूरी हो चुकी हैं, तो वह पदानुक्रम में ऊपर उठते हुए सबसे पहले निम्नलिखित में से किस मनोवैज्ञानिक आवश्यकता की पूर्ति का प्रयास करेगा?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) का 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) मानव प्रेरणा (Human Motivation) का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध सिद्धांत है। मास्लो के अनुसार, मानवीय आवश्यकताएं एक निश्चित पदानुक्रम या पिरामिड के रूप में व्यवस्थित होती हैं, जो नीचे से ऊपर की ओर बढ़ती हैं। जब तक आधारभूत स्तर की आवश्यकताएं पूरी नहीं होतीं, व्यक्ति उच्च स्तर की आवश्यकताओं की ओर नहीं बढ़ सकता। पिरामिड के सबसे निचले स्तर पर शारीरिक आवश्यकताएं (Physiological Needs) जैसे भोजन, पानी और नींद आती हैं। इसके तुरंत बाद दूसरे स्तर पर सुरक्षा आवश्यकताएं (Safety Needs) होती हैं। जब ये दोनों शुरुआती आवश्यकताएं संतुष्ट हो जाती हैं, तो व्यक्ति पदानुक्रम में तीसरे स्तर पर पहुंचता है, जिसे संबंध और अपनेपन की आवश्यकता (Need for Love and Belongingness / Social Needs) कहा जाता है। इसके अंतर्गत मित्र, परिवार, प्रेम और सामाजिक समूहों से जुड़ाव की भावना आती है। अतः विकल्प (c) बिल्कुल सही है क्योंकि यह सुरक्षा के ठीक बाद आने वाला अगला मनोवैज्ञानिक चरण है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- मास्लो के पदानुक्रम में कुल पाँच (मूलतः) या सात (विस्तारित) स्तर होते हैं, जिन्हें दो श्रेणियों—हीन आवश्यकताएं (Deficiency Needs या D-Needs) और वृद्धि आवश्यकताएं (Growth Needs या B-Needs) में बांटा गया है।
- पहला स्तर: शारीरिक आवश्यकताएं (Physiological Needs - भूख, प्यास, आश्रय)।
- दूसरा स्तर: सुरक्षा आवश्यकताएं (Safety & Security Needs - शारीरिक, आर्थिक और भावनात्मक सुरक्षा)।
- तीसरा स्तर: संबंध और अपनेपन की आवश्यकता (Love and Belongingness Needs - दोस्ती, स्नेह, सामाजिक संबंध)।
- चौथा स्तर: सम्मान की आवश्यकता (Esteem Needs - आत्म-सम्मान, प्रतिष्ठा, मान्यता)।
- पाँचवा स्तर: आत्म-सिद्धि की आवश्यकता (Self-Actualization - अपनी पूरी क्षमता को पहचानना और उसका उपयोग करना), जो कि सर्वोच्च शिखर आवश्यकता है।
- विकल्प (a) आत्म-सिद्धि सबसे ऊपर का अंतिम चरण है, विकल्प (b) सम्मान तीसरे के बाद चौथा चरण है, और विकल्प (d) ज्ञानात्मक आवश्यकताएं इस पारंपरिक पांच-स्तरीय मॉडल का हिस्सा नहीं हैं।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: मानवतावादी मनोविज्ञान (Humanistic Psychology) के जनक अब्राहम मास्लो ने 1943 के अपने शोध पत्र 'A Theory of Human Motivation' में इस प्रेरणा के सिद्धांत को प्रतिपादित किया था। शिक्षा शास्त्र में यह सिद्धांत बाल केंद्रित शिक्षा और छात्रों की भावनात्मक जरूरतों को समझने के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। अधिक जानकारी के लिए मानवतावादी उपागम और अभिप्रेरणा के सिद्धांतों का अध्ययन करें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, DSSSB और KVS) में मास्लो के आवश्यकता पदानुक्रम से संबंधित प्रश्न अक्सर क्रमानुसार लगाने के लिए या किसी विशिष्ट स्तर की पहचान करने के लिए पूछे जाते हैं। कक्षा कक्षीय अधिगम में एक शिक्षक को यह समझना आवश्यक है कि यदि कोई छात्र भूखा है (शारीरिक आवश्यकता अधूरी है) या असुरक्षित महसूस करता है, तो वह कक्षा में शैक्षणिक गतिविधियों (संबंध या आत्म-सम्मान संबंधी कार्यों) में पूर्ण रूप से ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएगा। इसलिए, बच्चों की मूलभूत और भावनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करना शिक्षण प्रक्रिया का प्रथम चरण है। इस प्रकार के प्रश्नों को हल करते समय छात्रों को पिरामिड के क्रम (शारीरिक -> सुरक्षा -> अपनेपन -> सम्मान -> आत्म-सिद्धि) को मानसिक रूप से याद रखना चाहिए।