सिगमंड फ्रायड
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सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत व्यक्तित्व की संरचना के तीन प्रमुख घटकों—इदम (Id), अहम् (Ego), और पराहम् (Superego)—के आपसी गत्यात्मक संघर्ष और उनके कार्यतंत्र का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों की प्रकृति और उनके बीच संतुलन स्थापित करने की प्रक्रिया का सबसे सटीक वर्णन करता है?
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Detailed Explanation
सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत के अनुसार, व्यक्तित्व तीन मुख्य घटकों से मिलकर बनता है: इदम (Id), अहम् (Ego), और पराहम् (Superego)। इदम 'सुख के सिद्धांत' (Pleasure Principle) पर आधारित होता है और तात्कालिक संतुष्टि चाहता है। पराहम् नैतिक मानकों और आदर्शों ('नैतिकता के सिद्धांत') का प्रतिनिधित्व करता है। इन दोनों विरोधी ताकतों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए 'अहम्' (Ego) 'वास्तविकता के सिद्धांत' (Reality Principle) का उपयोग करते हुए एक मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है। इस विषय पर अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, जब कोई बालक 'फैलिक अवस्था' (Phallic Stage: लगभग 3 से 6 वर्ष) से गुजरता है, तब इस अवस्था में उत्पन्न होने वाली 'ओडिपस ग्रंथि' (Oedipus Complex) और 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' (Electra Complex) के समाधान तथा 'अहंकार' (Ego) द्वारा 'पराहम' (Superego) के आंतरिककरण की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक सटीक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है?
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सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) में व्यक्तित्व की गत्यात्मकता को समझने के लिए रक्षा तंत्र (Defense Mechanisms) की संकल्पना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब कोई व्यक्ति अपनी अस्वीकार्य इच्छाओं, आवेगों या कुंठाओं को ऐसे सामाजिक रूप से स्वीकृत और उच्च स्तर के रचनात्मक कार्यों में परिवर्तित कर लेता है, जो समाज के लिए उपयोगी होते हैं, तो फ्रायड के अनुसार इस विशिष्ट और परिपक्व रक्षा तंत्र को किस नाम से जाना जाता है?
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