सृजनशीलता (Creativity)
Asked 1 month ago · Viewed 11 times
बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रणेता जे.पी. गिलफोर्ड ने अपने मॉडल में संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तुओं (Contents) और उत्पादों (Products) के वर्गीकरण को प्रस्तुत किया है। यदि इस सिद्धांत के अंतर्गत 'संक्रिया' (Operations) आयाम का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण किया जाए, तो गिलफोर्ड द्वारा प्रतिपादित पाँच संक्रियात्मक श्रेणियों—मूल्यांकन, अभिसारी चिंतन (Convergent Thinking), अपसारी चिंतन (Divergent Thinking), स्मृति और संज्ञान—में से 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) और 'अभिसारी चिंतन' (Convergent Thinking) का तात्विक स्वरूप मानसिक क्षमताओं के किस विशिष्ट संज्ञानात्मक प्रक्रम को सबसे सटीक रूप से प्रदर्शित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के अनुसार, 'संक्रिया' (Operations) मानसिक प्रक्रिया या बौद्धिक कार्य को संदर्भित करती है जिसे व्यक्ति निष्पादित करता है। इसमें 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) एक ही समस्या के कई संभावित और सृजनात्मक समाधान खोजने की क्षमता से जुड़ा है, जो सृजनात्मकता का आधार है; वहीं 'अभिसारी चिंतन' (Convergent Thinking) उपलब्ध तार्किक तथ्यों के आधार पर किसी एक निश्चित और सही निष्कर्ष पर पहुँचने की प्रक्रिया है। इस मॉडल और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
अगला प्रश्न →
पाउल टोरेन्स (E. Paul Torrance) के 'सृजनात्मकता के सिद्धांत' (Theory of…
← पिछला प्रश्न
बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect…
Related Questions
→
बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के संदर्भ में जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रस्तुत बौद्धिक संरचना के वर्गीकरण में, जब किसी मानसिक संक्रिया के अंतर्गत उपलब्ध सूचनाओं से नए और मौलिक निष्कर्ष निकाले जाते हैं या किसी समस्या के एक से अधिक संभावित और विविध समाधान खोजे जाते हैं, तो गिलफोर्ड के इस त्रि-आयामी मॉडल (3D Model) के अंतर्गत यह विशिष्ट बौद्धिक प्रक्रिया किस आयाम के अंतर्गत आती है?
→
गिल्फर्ड (J.P. Guilford) के त्रि-आयामी बुद्धि मॉडल (Structure of Intellect Model) के संदर्भ में, बौद्धिक योग्यताओं के वर्गीकरण के अंतर्गत 'संक्रियाओं' (Operations) की श्रेणी में निम्नलिखित में से किसे सम्मिलित किया जाता है?
→
बुद्धि के त्रि-आयामी (Structure of Intellect) सिद्धांत के प्रणेता जे.पी. गिलफोर्ड द्वारा प्रतिपादित बुद्धि के मॉडल में 'संक्रियाएँ' (Operations), 'विषय-वस्तु' (Contents) और 'उत्पाद' (Products) के त्रि-आयामी वर्गीकरण का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, यदि कोई विचारक 'स्मृति प्रसंग' (Memory Recording) को इस मॉडल के किस विशिष्ट आयाम के अंतर्गत रखेगा, तो निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इस वैज्ञानिक वर्गीकरण की वास्तविक प्रकृति को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
बुद्धि की संरचना और उसके पदानुक्रमित तथा त्रि-आयामी मॉडलों—विशेष रूप से चार्ल्स स्पीयरमैन के द्व-कारक सिद्धांत (Two-Factor Theory), लुईस थर्स्टर्न के प्राथमिक मानसिक योग्यताओं के सिद्धांत, तथा जे.पी. गिलफोर्ड के 'बुद्धि की संरचना' (Structure of Intellect - SI) मॉडल—का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई मनोवैज्ञानिक यह स्थापित करना चाहता है कि मानवीय बौद्धिक क्षमताएँ न केवल एक सामान्य मानसिक ऊर्जा (g-factor) और विशिष्ट क्षमताओं (s-factor) तक सीमित हैं, बल्कि वे संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तुओं (Contents) और उत्पादों (Products) के 150 (या 180) स्वतंत्र उप-घटकों के त्रि-आयामी मैट्रिक्स के रूप में व्यवस्थित हैं, तो गिलफोर्ड के इस बहुआयामी और वर्गीकरणवादी मॉडल के तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model) के प्रणेता जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) ने बुद्धि को तीन स्वतंत्र आयामों—संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तु (Contents), और परिणामों (Products)—के आधार पर वर्गीकृत किया है। यदि इस त्रि-विमीय मॉडल के अंतर्गत कोई व्यक्ति किसी समस्या के समाधान के लिए अपनी स्मृति, संज्ञान और अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) का उपयोग करते हुए किसी निश्चित विषय-वस्तु (जैसे प्रतीकात्मक या व्यवहारपरक) से एक नया, मौलिक और बहुआयामी परिणाम उत्पन्न करता है, तो गिलफोर्ड के इस सैद्धांतिक वर्गीकरण के अनुसार निर्मित होने वाले कुल कारकों (Factors) की प्रारंभिक एवं संशोधित कुल संख्या के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
→
रिचर्ड आर्थर और जे. पी. गिल Guilford (J. P. Guilford) के 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect - SI Model) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अभिसारी चिंतन बनाम अपसारी चिंतन' (Convergent Thinking vs. Divergent Thinking)**—जिसे उन दो भिन्न बौद्धिक प्रक्रियाओं के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ अभिसारी चिंतन के अंतर्गत किसी दी गई समस्या के समाधान के लिए उपलब्ध तथ्यों और तर्कों को संकुचित करके एकमात्र सही या पारंपरिक निष्कर्ष तक पहुँचा जाता है, जबकि अपसारी चिंतन के अंतर्गत एक ही खुली समस्या के संदर्भ में अनगिनत, मौलिक, और विभिन्न दिशाओं में नए विचारों या विकल्पों का सृजन किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, बौद्धिक बहुलता और संज्ञानात्मक लचीलेपन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.