गार्डनर (Howard Gardner) के बहु-बुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences) तथा स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के त्रैत सिद्धांत (Triarchic Theory of Intelligence) का तुलनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, गार्डनर की 'प्राकृतिक बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) और स्टर्नबर्ग के 'व्यावहारिक बुद्धि' (Practical Intelligence) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक सटीक एवं वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) का बहु-बुद्धि सिद्धांत बुद्धि को किसी एक सामान्य कारक (g-factor) के रूप में न देखकर स्वतंत्र प्रकार की क्षमताओं के रूप में परिभाषित करता है, जिसमें 'प्राकृतिक बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) जीवों, पौधों और पर्यावरण के पैटर्न को पहचानने और उसके साथ सामंजस्य बिठाने की क्षमता है। इसके विपरीत, रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) का त्रैत सिद्धांत बुद्धि को सूचना प्रसंस्करण के रूप में देखता है, जिसमें 'व्यावहारिक बुद्धि' (Practical Intelligence) या प्रासंगिक बुद्धि (Contextual Intelligence) व्यक्ति की अपने पर्यावरण के अनुकूल होने (Adaptation), पर्यावरण का चयन करने (Selection) तथा उसमें परिवर्तन या पुनरुत्पादन (Shaping) करने की क्षमता से जुड़ी होती है। विकल्प (अ) इन दोनों सिद्धांतों की वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक प्रकृति का सटीक तुलनात्मक मूल्यांकन प्रस्तुत करता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- गार्डनर ने अपने सिद्धांत में शुरुआत में 7 प्रकार की बुद्धियों का जिक्र किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 8 और फिर 9 कर दिया गया। प्राकृतिक बुद्धि इसमें बाद में जोड़ी गई थी।
- स्टर्नबर्ग के त्रैत सिद्धांत के तीन मुख्य आयाम हैं: घटक बुद्धि (Componential/Analytical), अनुभवात्मक बुद्धि (Experiential/Creative), और व्यावहारिक बुद्धि (Practical/Contextual)।
- विकल्प (ब) गलत है क्योंकि दोनों ही सिद्धांत जैविक और वातावरणीय कारकों के अंतःक्रिया को स्वीकार करते हैं।
- विकल्प (स) और (द) तथ्यात्मक रूप से भ्रामक और मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों के विपरीत हैं।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: बाल विकास में बुद्धि के आयामों को समझने के लिए जीन पियाजे का सिद्धांत, वाइगोत्स्की का सिद्धांत, और गार्डनर-स्टर्नबर्ग के आधुनिक संज्ञानात्मक दृष्टिकोण का अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक है।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, DSSSB, BPSC TRE) में गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत और स्टर्नबर्ग के त्रैत सिद्धांत से जुड़े प्रश्न बहुतायत में पूछे जाते हैं। छात्रों को यह समझना होगा कि गार्डनर मात्रात्मक आईक्यू के बजाय गुणात्मक भिन्नताओं पर जोर देते हैं, जबकि स्टर्नबर्ग बुद्धिमत्ता को व्यावहारिक जीवन की समस्याओं को सुलझाने और अपने परिवेश को प्रबंधित करने के कौशल के रूप में देखते हैं। इस प्रश्न का सही विकल्प (अ) दोनों सिद्धांतों की कार्यप्रणाली के सूक्ष्म अंतर और साम्य को पूरी तरह स्पष्ट करता है।