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Child Development
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage, लगभग 11 वर्ष से आगे) की तात्विक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सी प्रमुख संज्ञानात्मक क्षमता इस चरण की सबसे मौलिक और निर्णायक विशेषता को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करती है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) संज्ञानात्मक विकास का अंतिम चरण है। इस चरण की सबसे मुख्य विशेषता 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetical-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का विकास है, जिसके तहत किशोर विभिन्न संभावनाओं के आधार पर तार्किक परिकल्पनाएं गढ़ सकते हैं और बिना प्रत्यक्ष सामग्री के समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। विकिपीडिया संदर्भ
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प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) और बाल-केंद्रित शिक्षा के दार्शनिक तथा मनोवैज्ञानिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, जॉन डेवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'लर्निंग बाय डूइंग' (Learning by Doing) और 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस शिक्षा प्रणाली की वास्तविक लोकतांत्रिक एवं वैज्ञानिक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों—विशेषकर 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) और 'फालिक अवस्था' (Phallic Stage)—तथा व्यक्तित्व की संरचना (इदम, अहम्, और पराहम्) के अंतर्संबंधों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक 'फालिक अवस्था' (लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु) के दौरान 'ओडिपस कॉम्प्लेक्स' (Oedipus Complex) या 'इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स' (Electra Complex) से गुजरते हुए अपने माता-पिता के प्रति विशिष्ट संवेदी और तार्किक द्वंद्व का अनुभव करता है, और इस दौरान फ्रायड के अनुसार 'पराहम्' (Superego) का वास्तविक विकास होता है; तो इस विकासात्मक प्रक्रिया और इसके दीर्घकालिक मनोवैज्ञानिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिसऑर्थोग्राफिया' (Dysorthographia) के न्यूरोलॉजिकल एवं भाषाई स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी अपने विचारों को लिखित रूप में व्यक्त करने में अत्यधिक असमर्थता का अनुभव करता है, हस्तलेखन (Handwriting) अत्यधिक असंगठित, अनियमित और धीमी गति का होता है, तथा वर्तनी (Spelling) के नियमों को लागू करने और शब्दों के श्रुतलेखन (Dictation) में गंभीर कठिनाई होती है, तो इन विशिष्ट लेखन विकारों और इनके उपचारात्मक शिक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? हावर्ड गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences) तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग के बुद्धि के त्रितंत्र सिद्धांत (Triarchic Theory of Intelligence) का तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी संगीत रचना में असाधारण दक्षता प्रदर्शित करने के साथ-साथ अमूर्त एवं विश्लेषणात्मक समस्याओं को हल करने में अत्यधिक तार्किक क्षमता का उपयोग करता है, तथा स्टर्नबर्ग के सिद्धांत के अनुसार अपने पर्यावरण के साथ अनुकूलन (Adaptation), उसका चयन (Shaping) और उसमें परिवर्तन करने की उच्च व्यावहारिक क्षमता (Practical Intelligence) भी प्रदर्शित करता है; तो इन दोनों सिद्धांतों के मूलभूत अंतर, संज्ञानात्मक घटकों और अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है? क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के मौलिक स्वरूप, उसकी चक्रीय प्रक्रिया (Cyclical Process) और कक्षागत शिक्षण विधियों के बीच अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, जब एक शिक्षक कक्षा कक्ष में किसी विशिष्ट अधिगम बाधा या समस्या (जैसे गणित में छात्रों की लगातार कम उपलब्धि) का त्वरित, वैज्ञानिक और व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए इस अनुसंधान का उपयोग करता है, तो स्टीफन कोरे (Stephen Corey) या कुर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा प्रतिपादित इसके मानक चरणों का सही और तार्किक क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा होगा?
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