समावेशी शिक्षा
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन तथा नि:शक्तजन अधिकार अधिनियम (RPWD Act, 2016) के वैधानिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन समावेशी शिक्षा की वास्तविक प्रकृति और उसकी कक्षा-कक्षीय रणनीतियों को सबसे अधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से परिभाषित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) का मूल दर्शन यह है कि शिक्षा प्रणाली और विद्यालयी वातावरण को प्रत्येक बालक की विविध आवश्यकताओं के अनुसार लचीला और सुगम बनाया जाना चाहिए, न कि बच्चों को rigid (कठोर) व्यवस्था के अनुसार बदलना पड़े। इसके लिए 'सार्वभौमिक अभिकल्प' (Universal Design for Learning - UDL) और 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) जैसी आधुनिक शैक्षणिक रणनीतियों का प्रयोग किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की संकल्पना का गहन विश्लेषण करने पर, एक शिक्षक को विविध योग्यताओं वाले कक्षा-कक्ष में अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए निम्नलिखित में से किस मुख्य शैक्षणिक रणनीति का पालन करना चाहिए?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) के प्रभावी शिक्षण एवं अधिगम हेतु 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प UDL के उन तीन प्रमुख प्राथमिक सिद्धांतों को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है जो पाठ्यक्रम के लचीलेपन और समावेशन को सुनिश्चित करते हैं?
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